भोपाल,
मध्यप्रदेश में इस वक्त शहरों से लेकर दूरदराज के गांवों में जबर्दस्त बिजली संकट से लोग जूझ रहे हैं और सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे समेत करीब चार सौ अधिकारी-कर्मचारी खेल-खेल में मंथन कर रहे हैं। यह मंथन जबलपुर में आज से शुरू हो गया। है, जो 7 मई तक चलेगा। इसमें कई विषयों पर मंथन करने और मंथन के आधार पर बिजली व्यवस्था में सुधार करने के दावे किए जा रहे हैं। इसी मंथन में खेल गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। इसमें भोपाल के 250 से अधिक अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। मंथन का जो मकसद बताया जा रहा है वह बिजली संकट को दूर करने में तुरंत सक्षम होगा, ऐसा बिल्कुल नहीं लगता। बड़ी बात यह है कि मंथन में जिन्हें शामिल किया गया है उनमें से एक भी अधिकारी सीधे मैदानी स्तर पर उपभोक्ता से जुड़े नहीं है, बल्कि ये दफ्तरों में बैठने और दिशा निर्देश देने वाले बताए जाते हैं। ऐसे में इस मंथन का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचेगा और कब तक पहुंचेगा यह तय नहीं है। ज्ञात हो कि मप्र में रोज 1000 मेगावॉट बिजली की कमी है।
मंत्री करेंगे अमले से संवाद
दरअसल, मध्य प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों के अभियंताओं व कार्मिकों के "आत्मनिरीक्षण पर केंद्रित तीन दिवसीय मथन-2022 का आयोजन जबलपुर के तरंग प्रेक्षागृह में 5 से 7 मई है। इसका उद्घाटन ऊर्जा मंत्री तोमर कर रहे हैं। वे अमले से भी संवाद करेंगे। इस अवसर पर प्रमुख सचिव, सचिव व एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक, विद्युत कंपनियों के प्रबंध संचालक, देश के वित्त क्षेत्र के विशेषज्ञ, छहाँ विद्युत कंपनियों के मुख्य अभियंता से लेकर तकनीकी स्तर तक के कार्मिक हिस्सा ले रहे हैं।
#MadhyaPradesh: Energy minister @PradhumanGwl inaugurated a three-day power summit ‘Manthan-2022’ in Jabalpur on Thursday. pic.twitter.com/wSm9XAlDvi
— Free Press Journal (@fpjindia) May 5, 2022
सरकार की नजर में मंथन का मतलब
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ मथन-2022 ऊर्जा क्षेत्र में विश्व स्तर पर अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में क्षेत्र के विशेषज्ञों से आत्मनिरीक्षण करने और सीखने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा बाधक तत्वों से निपटने के तरीके पर विचार-विमर्श करने और आपसी संवाद करने का अवसर प्रदान करेगा। हालांकि ऊर्जा विभाग के नियंत्रण वाली बिजली कंपनियों द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि मंथन में बिजली सकट जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत होगी और उससे निपटने के विकल्प तलाशे जाएंगे। अलबत्ता इसमें कहा गया कि इस दौरान खेल व सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे। मंथन के दौरान क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बिलियर्ड, शतरंज के मैच होंगे। सांस्कृतिक गतिविधि के अंतर्गत अंतर विद्युत कंपनी गायन, नृत्य व प्रहसन स्पर्धाए होगी।
आज जबलपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं विधायक आदरणीय श्री @AjayVishnoiBJP जी के निज निवास पर आत्मीय मुलाकात हुईं। pic.twitter.com/CaoJYDyQ1W
— Pradhuman Singh Tomar (@PradhumanGwl) May 5, 2022
देश में कोयले का संकट: 1100 रेलें निरस्त
देश में कोयले संकट के बीच रेलवे लगातार बड़े कदम उठा रहा है। कोयले रेक के परिवहन के लिए रेलवे अब तक कई ट्रेनों को रद्द कर चुका है। अब एक बार फिर से रेलवे ने 1100 ट्रेनों को कैंसिल किया है। इन ट्रेनों में मेल एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। मई महीने में कायले के चलते बिजली संकट के और बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते कोयला रेक ट्रेनों के लिए यात्री ट्रेनों को रद्द किया जा रहा है। 24 मई तक कम से कम 1100 ट्रेनें रद्द रहेगी। इसमें मेल एक्सप्रेस ट्रेनों की 500 ट्रिप शामिल है, जबकि पैसेंजर ट्रेनों की 580 ट्रिप्स शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इन गाड़ियों को इसलिए रद्द किया गया है, ताकि थर्मल पावर प्लाट को सप्लाई किए जा रहे कोयले से लदी मालगड़ियों को आसानी से रास्ता दिया जा सके, जिससे कोयला समय पर पहुंच सके।
इन राज्यों में हालात खराब
अभी उम्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु मप्र समेत कई राज्यों में कोयले सक की वजह से बिजली समस्या पैदा हो रही है। कई राज्यों में बिजली कटौती भी की गई, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोयले सकट पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने पिछले दिनों जानकारी दी थी कि थर्मल पावर प्लाट्स में 21 मिलियन टन कोयले का स्टॉक है जो आने वाले कई दिनों के लिए पर्याप्त है, वहीं, कोल इंडिया को मिलाकर भारत के पास 80 दिनों का स्टॉक मौजूद है।