मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ अपने ही विधायक के विरोध में खड़े हो गए|  कांग्रेस विधायक ने राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करते हुए सदन की कार्यवाही बहिष्कार किया था|  कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने बाकायदा एक ट्वीट कर विधानसभा में पेश होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया|

सत्ता पक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद जीतू पटवारी के विरोध को विधानसभा की परंपराओं के विरुद्ध बताया|  नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ ने अपने ही विधायक के बहिष्कार का विरोध किया और कहा कि उनकी पार्टी जीतू पटवारी के इस कदम का समर्थन नहीं करते| 

15वीं विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। पहले दिन सोमवार को राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत हुई। सोमवार से शुरू हुआ यह सत्र 25 मार्च तक चलेगा। शिवराज सरकार वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट 9 मार्च को पेश करेगी।

बजट सत्र शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार की बात कही थी। 

बाइट जीतू पटवारी विधायक कांग्रेस 

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सदन में आपत्ति दर्ज कराई। पूछा- आखिर पटवारी को अभिभाषण कैसे मिला? नेता प्रतिपक्ष को जबाव देना चाहिए। 

कमलनाथ ने गृहमंत्री की आपत्ति का समर्थन किया और कहा कि यह पार्टी का फैसला नहीं था। उन्होंने कहा कि कोई भी सदस्य हो, सदन की गरिमा बनी रहनी चहिए।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने सदन की मर्यादा और गरिमा के साथ परंपराओं को तवज्जो दी यह अच्छी बात है |

विधानसभा में कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने बजट से जुड़ी खबरें प्रसारित होने पर आपत्ति जताई|  लक्ष्मण सिंह ने कहा कि बजट आने से पहले ऐसी खबरें कैसे प्रकाशित हो सकती हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट ना पहले लीक हुआ है ना आगे होगा न्यूज़ पेपर मनगढ़ंत खबरें देते रहते हैं उन्हें कयास लगाने दीजिए|

 

राज्यपाल के अभिभाषण की प्रमुख बातें

अभिभाषण पढने के लिए यहाँ क्लिक करें 

 

  • सभी के आत्मनिर्भर भारत का उदय हो रहा है। सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास ही भारत मंत्र बन गया है। सरकार राज्य के साढ़े 8 करोड़ नागरिकों के सहयोग से आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के संकल्प के लिए कार्य कर रही है।
  • मध्यप्रदेश तेजी से आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर राज्य के रूप में उभरा है। सड़कों गुणवत्ता में मध्यप्रदेश पहले स्थान पर है। सड़कों की लंबाई में देश के प्रथम 7 राज्यों में शामिल है।
  • ‘ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न, छोट-बड़ा सब संग बसे, रैदास रहे प्रसन्न। संत शिरोमणि रविदास जी की पंक्तियों को चरितार्थ करते हुए सरकार जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
  • सुशासन हमारा साधन है, स्वराज्य साध्य। अगर इरादों में नेकी और इमानदारी हो। जनता की भागीदारी हो तो रामराज्य की परिकल्पना धरती पर उतरते देर नहीं लगी। सरकार इसी पर काम कर रही है।
  • यह प्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदलने का समय है। सरकार प्रदेश के विकास और उन्नति के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
  • गौरवशाली और वैभवशाली भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा, वह दिन दूर नहीं।

इस बार ऑडियंस गैलरी खोली गई

इस बार सत्र में ऑडियंस गैलरी खुली हैं। कोरोना की वजह से लगी पाबंदी हटने के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि, एंट्री सीमित संख्या में ही दी गई है। राज्यपाल के अभिभाषण से पहले विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने कार्य मंत्रणा समिति की बैठक ली। इसमें उन विषयों पर चर्चा की गई, जिन पर सदन में चर्चा कराई जानी है। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ सहित अन्य सदस्य मौजूद रहें।