वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट में सांसदों को मिले कई बड़े तोहफे का ऐलान किया। इस बार अनुमानित राजकोषीय घाटा 55 हजार 511 करोड़ है। यहां देखें पूरी जानकारी...
प्रदेश में 13 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती। इसके साथ ही स्वास्थ्य के लिए 13642 करोड़ और शिक्षा के लिए 27 हजार 792 करोड़ का प्रावधान है। मध्य प्रदेश बजट 2022 में स्कूली शिक्षा विभाग से जुड़े प्रमुख मामले -
स्कूल शिक्षा बिंदु
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के मद्देनज़र प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक प्रबंध किये गये हैं।
CM RISE योजना के तहत पहले चरण में 360 स्कूल शुरू करने का लक्ष्य है। इन स्कूलों की लागत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को विद्यालय पहुँचने के लिए सभी मूलभूत सुविधाएँ, पर्याप्त शैक्षणिक स्टाफ, खेलकूद एवं ललित कला प्रशिक्षण तथा परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस बजट में 1 हजार 157 करोड़ का प्रावधान है।
संगीत और नृत्य कला को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों में एक नई योजना 'अनुगुंज - कला के साथ समृद्ध शिक्षा' शुरू की जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार 2030 तक 100% युवा और वयस्क साक्षरता दर तक पहुंचने का लक्ष्य है। इसके लिए प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष से अधिक आयु के निरक्षर व्यक्तियों के लिए 'नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' चलाया जा रहा है।
प्रतिभाशाली बच्चों को उचित मार्गदर्शन और बुनियादी जरूरतें प्रदान करने, शैक्षिक और अन्य कौशल के विकास के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की योजना का वादा।
एमबीबीएस और नर्सिंग की सीटें बढ़ाई जाएंगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भोपाल, इंदौर और जबलपुर में 217 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
लाडली लक्ष्मी योजना से 41 लाख लड़कियों को होगा लाभ लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत राज्य सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता भी देगी।
वर्ग, नस्ल, जाति, धर्म, सामाजिक असमानता आदि के भेदभाव को दूर करने के उद्देश्य से सशक्तिकरण छात्रावास बनाने का प्रस्ताव है। जहां एक ही छात्रावास में समाज के सभी छात्र एक साथ रहते हैं। इसके लिए बजट में 50 करोड़ रुपये।
वर्ष 2021-22 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग का बजट अनुमान 25 हजार 953 करोड़ है, जिसे वर्ष 2022-23 के लिए बढ़ाकर 27 हजार 792 करोड़ कर दिया गया है।
विभाग द्वारा प्राप्त प्रावधानों के विस्तृत आँकड़े
* सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना हेतु 10 हजार 345 करोड़ का प्रावधान।
* माध्यमिक विद्यालयों के लिए 6 हजार 212 करोड़ का प्रावधान।
* संपूर्ण शिक्षा अभियान के लिए 3 हजार 908 करोड़ का प्रावधान।
* शासकीय उच्च/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 3 हजार 160 करोड़ का प्रावधान।
* सीएम राइज के लिए 855 करोड़ का प्रावधान।
* विभागीय परिसम्पत्तियों के अनुरक्षण हेतु 457 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* आरटीई गैर सरकारी स्कूलों को ट्यूशन फीस की प्रतिपूर्ति के लिए 400 करोड़।
* अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* पंचायती राज संस्थाओं के शिक्षकों एवं संविदा विद्यालय के शिक्षकों के वेतन/मानदेय हेतु 310 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* शासकीय विद्यालय/छात्रावास/पुस्तकालय/आवासीय खेल भवनों के निर्माण एवं विस्तार हेतु 253 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
* अशासकीय विद्यालयों को अनुदान हेतु 200 करोड़ रुपए का प्रावधान।
* शिक्षा उपकर के माध्यम से ग्रामीण विद्यालयों के उन्नयन एवं रखरखाव के लिए 166 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* मुफ्त पठन सामग्री की आपूर्ति के लिए 109 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* उच्च/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बैठने की व्यवस्था एवं पढ़ने-लिखने के लिए प्रयोगशाला हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
पूरा बजट पढने के लिए लिंक पर क्लिक करें: https://mpvidhansabha.nic.in/budget2022.pdf