अगर हम आज नहीं जागे, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी... ये शब्द किसी आम नागरिक के नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश कैडर के सीनियर आईपीएस अधिकारी और वर्तमान एडीजी (रेलवेज) राजाबाबू सिंह के हैं। अपने गृह जिले बांदा (उत्तर प्रदेश) में लगातार बढ़ रहे तापमान और पर्यावरण की तबाही को देख, इस पुलिस अधिकारी का दर्द छलक उठा। उन्होंने सीधे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में दखल देने की विनम्र प्रार्थना की है।
राजाबाबू सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा कि बांदा जिले के पास केन नदी, बेतवा नदी और उनकी सहायक नदियां जैसी प्राकृतिक संपदा होने के बावजूद, केवल मिसमैनेजमेंट (कुप्रबंधन) के कारण आज वहां यह स्थिति पैदा हुई है।
हाल ही में नेशनल बायोडायवर्सिटी अथॉरिटी द्वारा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (तिगरा) की बंजर जमीन पर जैव विविधता को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार से सम्मानित हो चुके आईपीएस अधिकारी ने अपने काम का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि तिगरा में बंजर जमीन को हरा-भरा करके दिखाया है और ऐसा ही काम बांदा में भी होना चाहिए, लेकिन सिर्फ फोटो खिंचाने के लिए नहीं, बल्कि पूरी ईमानदारी के साथ।
राजाबाबू ने सीएम योगी से अवैध माइनिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केन नदी में हो रहे अवैध रेत खनन और पहाड़ियों में हो रही अवैध क्वेरिंग पर तत्काल और कड़ाई से रोक लगाई जाए। उन्होंने दूसरी मांग 10 साल के लिए पट्टों पर रोक लगाने की मांग की। राजाबाबू के मुताबिक बांदा, महोबा और हमीरपुर में अगले 10 सालों के लिए माइनर मिनरल्स, बालू और स्टोन क्वेरिंग के ठेकों को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए।
तीसरी मांग करते हुए उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की बात कही। उन्होंने कहा कि बांदा में 'मास प्लांटेशन' (बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण) के लिए बेहद प्रतिबद्ध और जिम्मेदार अधिकारियों को तैनात किया जाए, जो वहां की विलुप्त हो चुकी जैव विविधता को वापस लाने के लिए पूरी गंभीरता से काम करें।