भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से मुलाकात की मांग और धरने के बीच हुई घटना से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की मुलाकात ने एक बार फिर इस चर्चा कों तेज कर दिया है।

बताया जाता है कि, सीएम शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से करीब आधे घंटे तक बात की। दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा भी हुई। बीजेपी प्रवक्ता डॉ. हितेश बाजपेयी ने टिप्पणी की कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध हैं लेकिन दिग्विजय सिंह को दिखावा करने के लिए राजनीतिक चाल चलनी पड़ती है, नहीं तो सब एक दूसरे के दोस्त हैं।

कांग्रेस के मीडिया प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने भी ट्वीट करते हुए लिखा,पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी आज अपने दो दिवसीय दौरे के बाद छिन्दवाड़ा से भोपाल स्टेट हेंगर पर लौटे, उसी समय मुख्यमंत्री शिवराज जी भी दौरे पर जाने के लिये भोपाल स्टेट हेंगर पहुँचे, उसी समय दोनो की स्टेट हेंगर पर चंद मिनटो की शिष्टाचार मुलाक़ात हुई। इस मुलाक़ात के बाद सीएम देवास कार्यक्रम के लिए निकले तो कमलनाथ दिग्विजय सिंह के धरने पर पहुंचे।

कमलनाथ ने कही ये बात :

कुछ देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ धरना स्थल से निकल गए। शिवराज सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मै अपने दो दिवसीय दौरे के बाद आज छिंदवाड़ा से भोपाल लौटा, उसी समय शिवराज जी भी अपने देवास दौरे के तहत स्टेट हैंगर पर पहुंंचे। उन्होंने कहा, हमारी मुलाकात अचानक से स्टेट हैंगर पर हुई। इस मुलाक़ात में शिवराज जी ने मुझे बताया कि दिग्विजय सिंह धरने पर बैठ गए हैं। लेकिन मुझे उन्हें समय देने में कोई परहेज़ नही। तभी मैंने उन्हें कहा कि इस विषय पर मैं दिग्विजय सिंह से बात करूंंगा। लेकिन जब मै धरना स्थल पर पंहुचा तो दिग्विजय सिंह ने मुझे सच्चाई बताई कि वह पिछले डेढ़ माह से मिलने का समय मांग रहे हैं। लेकिन जब समय दिया तो उसे भी अचानक से निरस्त कर दिया। 

लेकिन जब मीडिया ने एक दो बार उनसे सवाल किया कि शिवराज जी ने आपसे तो मुलाकात कर ली, पर दिग्विजय सिंह को समय नहीं दिया। इस पर कमलनाथ ने गुस्से से जवाब दिया कि शिवराज ने उन्हें समय नहीं दिया, बल्कि उनसे अचानक स्टेट हैंगर पर मुलाकात हुई।