1990 बैच के आईएफएस अधिकारी विभाष कुमार ठाकुर 9 महीने के भीतर ही अपनी पसंदीदा पदस्थापना कराने में कामयाब हो गए. राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते शहडोल सीसीएफ पीके वर्मा का तबादला नहीं हो सका.
विभाष ठाकुर को संसाधन प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय सतपुड़ा से हटाकर लघु वनोपज संघ में पदस्थ किया गया है. पीके सिंह को लघु वनोपज संघ से हटाकर वर्किंग प्लान भोपाल में स्थानांतरित किये गए हैं. जारी आदेश के तहत एपीसीसीएफ एचयू खान को आंचलिक भोपाल से हटाकर मुख्यालय पदस्थ किया गया है. खान के तबादले पर वरिष्ठ अधिकारियों में चिंता जताई है. अधिकारियों का मानना है कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है. इसी वजह से खान को वर्किंग प्लान के साथ-साथ वित्त एवं बजट का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने पर विचार किया जा रहा है. इसके अलावा एपीसीसीएफ आलोक दास को प्रोजेक्ट शाखा से हटाकर उत्पादन शाखा में पदस्थ किया गया है. उत्पादन शाखा में पदस्थ एपीसीसीए शिवकुमार शर्मा को ग्रीन इंडिया मिशन का प्रमुख बनाया गया है. असीम श्रीवास्तव के प्रमोशन के बाद वन्य प्राणी शाखा में एपीसीसीएफ के रिक्त पद पर वित्त बजट में पदस्थ शुभ रंजन सेन की पदस्थापना की गई है. सेन प्राणी एक्सपर्ट अधिकारी माने जाते हैं. एपीसीसीएफ शशि मलिक की कार्यशैली से नाराज विभाग ने पदेन सीसीएफ ग्वालियर सर्किल से हटाकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुख्यालय भोपाल पदस्थ किया गया है. उनकी जगह पर लघु वनोपज संघ में पदस्थ एपीसीसीएफ विश्राम सागर शर्मा को ग्वालियर सर्कल में पदस्थ किया गया है.