राजधानी का राजा भोज एयरपोर्ट सुविधाओं के मामले में 'अमीर' होने की राह पर बढ़ चला है। दरअसल इसे पहली बार क्लस्टर-1 में शामिल किया गया है। यह श्रेणी सालभर में यात्री संख्या का आंकड़ा 10 लाख से ज्यादा पहुंचने पर अथॉरटी ऑफ इंडिया (एएआई) अलॉट करता है। बताया जाता है कि पैसेंजर सर्वे के बारे में अथॉरिटी सहित संबंधित एजेंसियों से जानकारी जल्द आएगी। इससे एयरपोर्ट पर यात्री सुविधाओं में इजाफा होगा। क्योंकि इससे यात्रियों के लिये ज्यादा बजट मिलने लगता है।

एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 में 10 लाख से ज्यादा यात्रियों के फ्लो का आंकड़ा प्राप्त कर लिया है। सूरत- रांची और जम्मू सहित करीब डेढ़ दर्जन एयरपोर्ट यात्री फ्लो के कारण क्लस्टर-1 में आते हैं। इससे इन एयरपोर्ट पर यात्रियों की खातिर विभिन्न तरह की सुविधाओं के लिए अतिरिक्त बजट मिलता है तथा संसाधन जुटाने में आसानी रहती है। 

उल्लेखनीय है कि भोपाल विमानतल को बेहतर बनाने की कई कोशिशें हाल के कुछ सालों में हुई हैं। यहां विमानों की संख्या बढ़ाने की भी लगातार कोशिशें हो रही हैं। इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा दिलाने के लिये भी समय समय पर प्रयास होते रहे हैं।