मप्र में अक्षय पात्र फाउंडेशन का पहला मेगा किचन बुधवार को शुरू हो गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन की व्यवस्था पुण्य का कार्य है। अक्षय पात्र फाउंडेशन और एचईजी लिमिटेड के साथ मध्य प्रदेश शासन के अनुबंध से भोपाल के निकटवर्ती विद्यालयों के बच्चे लाभान्वित होंगे। इस किचन शेड का निर्माण 12 करोड़ रुपए से किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शरीर स्वस्थ है तो मन भी स्वस्थ होता है। अन्य संस्थाएं इस क्षेत्र में आगे आएंगी तो उनका भी स्वागत है। हम बच्चों को बेहतर पोषण दे सकेंगे। इस अवसर पर एचडी लिमिटेड के चीफ एमडी रवि झुनझुनवाला, भीलवाडा ग्रुप के संस्थापक लक्ष्मीनिवास झुनझुनवाला, मनीष गुलाटी, रामकुंवर गुर्जर, अपर मुख्यसचिव मलय श्रीवास्तव उपस्थित थे। चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पीएम पोषण शक्ति निर्माण कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश सरकार कक्षा आठवीं तक अध्ययनरत बेटे बेटियों के लिए स्कूल प्रांगण में ही मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था कर रही है।
मैकेनाइज्ड किचन, एक घंटे में 20 हजार रोटियां
राजधानी के शाहपुरा इलाके में मप्र की पहली मैकेनाइज्ड किचन शुरू हुई है। अक्षयपात्र फाउंडेशन ने एचईजी मंडीदीप के सीएसआर फंड से करीब 12 करोड रुपए में यह हाईटेक किचन सेटअप तैयार किया है। अक्षयपात्र फाउंडेशन की किचन में पूरा खाना हाइजीनिक तरीके से बनाया जाएगा। इस किचन में सब्जियां छीलने काटने से लेकर आटा गूंथने और रोटियां सेंकने तक का पूरा प्रोसेस मशीनों के जरिए होगा। इस किचन में लगी मशीन एक घंटे में 20 हजार रोटियां बना सकती है। एक बार में 12 हजार लीटर दाल 125 किलो चावल पक सकेंगे। इस किचन में करीब डेढ़ सौ कर्मचारी प्रतिदिन काम करेंगे।