भोपाल: राज्य विधानसभा गत दिवस स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने विधायक तरुण भनोत के सवाल के जवाब में बताया कि जबलपुर जिले में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक शालाओं में 15 शिक्षक निलम्बित चल रहे हैं।
राज्य मंत्री ने बताया कि एक साथ दो शासकीय संस्थाओं में नौकरी करने एवं वेतन लेने के आरोप में चरगवां शहपुरा के सहायक अध्यापक अनिल कुमार पाठक 9 जून 2013 से, अन्डिया शहपुरा के सहायक अध्यापक प्रेमलाल गौड़ 7 मई 2018 से, सगड़ा शहपुरा की सहायक अध्यापक श्रीमती स्वाती नाविक 11 मई 2018 से, बसानिया जबलपुर के सहायक अध्यापक राजेश महोबिया 27 सितम्बर 2018 से, कटरा बेलखेड़ा पाटन के प्राथमिक शिक्षक राजेन्द्र लढिया 24 दिसम्बर 2019 से, बेलबाग जबलपुर श्री उच्च श्रेणी लिपिक श्रीमती मीना अग्रवाल, आरछा पाटन के सहायक शिक्षक प्रदीप साहू 23 दिसम्बर 2020 से, पाटन के प्राथमिक शिक्षक मुन्ना सिंह ठाकुर 8 मार्च 2021 से, सकरा पाटन के सहायेक शिक्षक ब्रजेश पटेल 10 फरवरी 2022 से, सोनपुर के प्राथमिक शिक्षक मोहम्मद जागिन खान 17 अगस्त 2022 से, सोनपुर के प्राथमिक शिक्षक मकसूद अहमद अंसारी 17 फरवरी 2023 से, मानेगांव चरगवां की उच्च माध्यमिक शिक्षक श्रीमती प्रीति पाटकर 27 सितम्बर 2022 से, मझगवां सिहोरा के सहायक शिक्षक राजेन्द्र नेताम 9 दिसम्बर 2022 से, बेलखेड़ा शहपुरा की प्राथमिक शिक्षक श्रीमती आरती पटेल 17 फरवरी 2023 से तथा प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर के सहायक शिक्षक सुनील कुमार जैन 29 नवम्बर 2022 से निलम्बित चल रहे हैं।
इनमें से ज्यादातर पर आपराधिक प्रकरण भी दर्ज हैं जिन पर न्यायालय द्वारा दोषसिध्दी पर कार्यवाही की जायेगी।
70 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट नहीं :
स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री ने विधायक लखन घनघोरिया को बताया कि जबलपुर जिले में 70 प्रतिशत स्कूलों में इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है जबकि जिले के 7 प्रतिशत स्कूलों में कम्प्यूटर की सुविधा नहीं है। जबलपुर जिले के स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षक के पद भी स्वीकृत नहीं हैं। राज्य मंत्री ने बताया कि भारत शासन के डाईस डाटा 2021-22 के अनुसार प्रदेश के 12.4 प्रतिशत स्कूलों में कम्प्यूटर सुविधा है। जिले का कोई भी हाईस्कूल व हायर सेकेण्ड्री स्कूल, विद्युत विहीन नहीं है।
कलेक्टर को निर्देश देंगे :
कृषि मंत्री कमल पटेल ने विधायक संजय यादव द्वारा लाई ध्यानाकर्षण की सूचना के जवाब में कहा कि जबलपुर जिले की कृषि उपज मंडी समिति शहपुरा भिटौनी के प्रांगण के बाहर सीधी खरीदी पर सख्ती से अंकुश लगाये जाने हेतु निरीक्षण दल का गठन किया गया है। निरीक्षण दल ने अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 की अवधि में कुल 13 प्रकरण अवैध परिवहन/भंडारण के बनाये जिनमें 84 हजार 798 रुपये की वसूली की गई।
किसी भी मंडी व्यापारी का लायसेंस निरस्त नहीं किया गया है। जबलपुर के कलेक्टर को आज ही निर्देश दिये जायेंगे कि जब विधायक यादव वहां आयेंगे तो भारसाधक अधिकारी एडीएम मीटिंग करेंगे, निरीक्षण करेंगे, और कोई अनियमितता मंडी में मिली तो सख्त कार्यवाही की जायेगी।