प्रदेश की सड़कों पर अब बिना हेलमेट वाहन चलाने पर जुर्माना बढ़ा दिया गया है। ऐसे वाहन चालकों को अब ढाई सौ की जगह तीन सौ रुपए जुर्माना देना होगा। बिना सीट बेल्ट के वाहन चलाते पाए जाने पर लगने वाला जुर्माना यथावत पाँच सौ रुपए रखा गया है।

कैप में ओवरलोडिंग करने पर अभी तक प्रति यात्री साढ़े सात सौ रुपए जुर्माना था उसे अब घटाकर प्रति पैसेंजर दो सौ रुपए कर दिया गया है। कैबिनेट ने इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।

अब जुर्माने की दर

 बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर एक हजार रुपए जुर्माना तय किया गया है। इसमें बड़ी गाड़ियों के लिए जुर्माना तीन हजार से बढ़ाकर पांच हजार रुपए किया गया है। बिना पंजीयन के वाहन चलाने पर दुपहिया और तीन पहिया वाहनों पर अब दो हजार, लाइट मोटर व्हीकल पर जुर्माना तीन हजार और भारी वाहनों पर जुर्माना पांच हजार रुपए तय किया गया है।

प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों जिनके पास पीयूसीसी प्रमाणपत्र नहीं है उनमें नान ट्रांसपोर्ट व्हीकल पर एक हजार रुपए जुर्माना होगा। ट्रांसपोर्ट व्हीकल पर अब तीन हजार की जगह पांच हजार रुपए जुर्माना होगा। दुबारा यह अपराध करने पर दस हजार रुपए जुर्माना होगा। मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने पर दुपहिया पर एक हजार, कार चालक पर दो हजार रुपए जुर्माना होगा। ट्रांसपोर्ट व्हीकल पर तीन हजार रुपए जुर्माना होगा। प्रेशर हार्न का उपयोग करने पर एक हजार रुपए जुर्माना रहेगा। ऐसे वाहन जिनके संचालन से खतरा है, जो रेसिंग के लिए उपयोग किए जाते है उनमें जुर्माना पांच हजार से बढ़ाकर दस हजार कर दिया गया है।

मंत्रिमंडल की उपसमिति ने की थी सिफारिश

नौ अक्टूबर 2019 को पार्लियामेंट ने नियमों में संशोधन कर धारा दो सौ में समन शुल्क लगाने का अधिकार राज्यों को दिया था। अधिकांश राज्यों ने संशोधन के बाद जुर्माने की राशि बढ़ा दी है। मध्यप्रदेश में यह नहीं अब तक नहीं हो पाया था। 24 मई 2022 को कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव आया तो मंत्रिमंडल उपसमिति बनाकर जुर्माने की दरें तय करने के लिए उन्हें अधिकृत किया गया था। इस समिति में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया और परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत शामिल थे। समिति ने छह दिसंबर 2022 को अपनी अनुशंसाए कर दी थी।