भोपाल: राज्य सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायतीराज में चुने गये प्रतिनिधियों एवं वहां नियुक्त शासकीय सेवकों द्वारा वित्तीय गड़बड़ी करने पर उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिये सक्षम अधिकारी नियुक्त कर दिये हैं। ग्राम पंचायतों के लिये जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायतों के लिये जिला कलेक्टर/अपर कलेक्टर तथा जिला पंचायत के लिये संभागीय आयुक्त/अपर संभागीय आयुक्त सक्षम अधिकारी होंगे।
उल्लेखनीय है कि मप्र पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 89 में प्रावधान है कि विभाग के द्वारा पंचायत के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त होने पर पंचायत के कार्यकलापों की जांच एवं कार्य का निरीक्षण कर जांच प्रतिवेदन तैयार कर पंचायत के पदाधिकारी या शासकीय सेवक द्वारा अनियमितता पाये जाने पर सक्षम प्राधिकारी को प्रेषित किया जाये।
त्रिस्तरीय पंचायतीराज में वित्तीय गड़बडिय़ों एवं अनयमितताओं की काफी शिकायतें आती हैं। इन पर कड़ी कार्यवाही करने के लिये राज्य सरकार ने ये सक्षम अधिकारी नियुक्त किये हैं।