दमोह के एक स्कूल में बच्चों को स्कार्फ (हिजाब ) पहनाने से शुरु हुआ विवाद अब तीखा हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने जो जांच शुरू कराई थी, उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कलेक्टर की संदिग्ध भूमिका वाले शिक्षामंत्री के बयान पर कहा कि वे इस मामले में मंत्री से बात करेंगे। 

दरअसल मंत्री के कलेक्टर पर दिए बयान से प्रशासनिक हलचल है। मंत्री ने कहा था कि इस मामले में कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध है वे स्कूल प्रबंधन के बचाव में बयान दे रहे हैं। दूसरी तरफ इस विवाद को लेकर दमोह में भाजपा नेताओं द्वारा स्याही फेंके जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। आज सुबह शिवराज ने कहा एक बात स्पष्ट है कि किसी भी बच्चे को अलग प्रकार की ड्रेस, चाहे हिजाब हो या कुछ और, पहनने या बांधने को बाध्य नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। बताते हैं प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ियों की बात सामने आई है। 

दरअसल दमोह जिले के गंगा जमुना स्कूल में हिंदू छात्राओं को हिजाब पहनाए जाने का मामला पिछले दिनों सामने आया था। उसके बाद शुरु हुई जांच में स्कूल में धर्मांतरण संबंधी कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आई। यहां हिंदू बच्चों को जबर्दस्ती नमाज पढाए जाने के आरोप भी लग रहे हैं। मुख्यमंत्री चौहान के सक्त तेवर के बाद मामले की जांच शुरु हुई और स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूल की मान्यता भी निलंबित कर दी है। गंगा जमुना स्कूल को क्लीन चिट देने वाले जिला शिक्षा अधिकारी एस के मिश्रा के चेहरे पर स्याही पोतने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सहित तीन अन्य पर कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी एस के मिश्रा के आवेदन के उपरांत कोतवाली थाना में कल देर रात्रि अमित बजाज, मोंटी रैकवार, संदीप शर्मा के विरुद्ध शासकीय कार्य में व्यवधान, किसी व्यक्ति के अपमान करने के इरादे से हमला करना, किसी व्यक्ति को गलत तरीके से रोकने आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

शिक्षा मंत्री से बात करेंगे नरोत्तम, होगा एक्शन

इधर आज गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि मामले में पहले ही जाँच के आदेश दे दिए गए थे तथा बच्चियों की बयान लिए जा रहे थे। हमने पुलिस को निर्देश दिए हैं की जो प्राथमिकी जाँच में निकल कर सामने आए उसके तहत वैधानिक कार्यवाई को जाए। मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर की भूमिका संदिग्ध वाले स्कूल शिक्षा मंत्री के बयान पर कहा मैं मंत्री से बात करूँगा ।

जांच के बीच स्याही.....कलेक्टर बोले गलत बात

जिला कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस घटना की पूरी जानकारी दी गई थी जिसके उपरांत उनके द्वारा शिकायत दर्ज करा दी गई। है। क्योंकि गंगा जमुना स्कूल की जांच चल रही है, लेकिन इस प्रकार की कार्यवाही पूर्णरूपेण गलत है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी एसके मिश्रा का कहना है कि उनके द्वारा गंगा जमुना स्कूल को क्लीन चिट देने के मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जा रही है। उनका आरोप है कि भाजपा पदाधिकारियों द्वारा षड्यंत्र पूर्वक इस घटना को अंजाम दिया है।