रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित तिरुपति शिव विहार कॉलोनी में गुरुवार तड़के एक साथ मौत के गले लगाने वाले दो मासूम बच्चों और उनके माता पिता का शव पीएम के बाद पुलिस ने रीवा से आए परिजन को सौंप दिया है। परिजन उनका शव लेकर रीवा के लिए निकल गए थे। पुलिस ने उक्त मामले में एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी में जोन वन के एडिशनल डीसीपी, टीटी नगर एसीपी, थाना प्रभारी रातीबड़ और साइबर क्राइम के दो अधिकारियों को शामिल किया गया है। सुसाइड नोट के अनुसार यह बात सामने आई थी कि मृतक आनलाइन कोलंबिया बेस्ट कंपनी में काम करता था।

आनलाइन कंपनी ने उसके साथ फॉड किया था और वह 17 लाख रुपए के कर्ज में डूब गया था। कंपनी के रिकवरी एजेंट लोन की रकम वसूलने उस पर दबाव बना रहे थे। आनलाइन कंपनी की एप्लीकेशन डाउनलोड करने के कारण कंपनी के पास भूपेंद्र के मोबाइल के कांटेक्ट और पर्सनल फोटो तक कंपनी के पास पहुंच गए थे। कंपनी के रिकवरी एजेंट भूपेंद्र और उसके परिवार के पर्सनल फोटो को एडिट कर सोशल मीडिया पर अश्लील बनाकर अपलोड करने की धमकी देने लगे थे। यहां तक की कंपनी के लोग भूपेंद्र के अलावा उसके रिश्तेदारों के मोबाइल पर कॉल कर लोन की किश्त जमा करने का दबाव बनाने लगे थे।

उल्लेखनीय है कि भूपेंद्र कुमार विश्वकर्मा (38) मूलत - अंबा, जिला रीवा के रहने वाले थे। वह पिछले करीब दस साल से तिरुपति शिव विहार कालोनी में अपनी पत्नी रितु विश्वकर्मा (34), बेटे रितुराज (8) और रिषीराज ( 3 ) के साथ रहते थे। भूपेंद्र एक प्रायवेट कंपनी में काम करते थे, लेकिन करीब एक महीने पहले एक्सीडेंट होने के कारण वह घर पर ही रह रहे थे।

गुरुवार रात?  उन्होंने भीमनगर में रहने वाली अपनी भतीजी रिंकी विश्वकर्मा को चार पेज का एक सुसाइड नोट और पूरे परिवार की सेल्फी भेजकर लिखा कि यह उनकी आखिरी सेल्फी है।

रात के करीब 4 बजे रिंकी ने देखा तो इसकी जानकारी परिवार वालों को दी। परिवार ने पंचशील नगर में रहने वाले एक परिचित धीरेंद्र को बताया कि वह भीमनगर पहुंचे और उन्हें लेकर भूपेंद्र के घर पहुंचे। मकान के चैनल गेट पर ताला नहीं लगा था। परिवार वाले चैनल गेट खोलकर भीतर पहुंचे तो भूपेंद्र और उनकी पत्नी रितु के शव पंखे से फांसी के फंदे पर लटके मिले, जबकि दोनों बच्चों के शव जमीन पर पड़े थे। उन्हें चादर और कंबल से उड़ाया गया था। उसके बाद डायल 100 को सूचना दी गई थी।

इसलिए बच्चों को दिया जहर 

चार पन्ने का सुसाइड नोट दुखी करने वाला है। एक पन्ने पर भूपेंद्र कुमार ने लिखा था कि मैं अपने दोनों बेटों को बहुत प्यार करता हूं और उन्हें अकेला छोड़कर नहीं जा सकता। लिहाजा उन्हें भी अपने साथ ले जा रहा हूं। दंपती ने बच्चों को माजा में जहर मिलाकर पिलाया और उसके बाद खुद हाल में जाकर फांसी लगा ली थी। उन्होंने लिखा था कि हमारे शवों का पीएम न कराया जाए और एक साथ हमारा दाह संस्कार किया जाए, ताकि हम एक साथ अच्छे से रह सके। 

इसके अलावा भूपेंद्र ने अपने परिजन के लिए लिखा कि अम्मा जी, बाबूजी, पापा जी, मम्मी जी, भइया-भाभी, मेरी प्यारी बहनों, मेरी प्यारी सी बेटी, मैं तुम सबके सामने कैसे आऊं, नजर कैसे मिलाऊ, सबसे ज्यादा अब इस बात का डर है। कहीं भविष्य में मेरी बेटी की शादी में कोई परेशानी न आए, इसलिए मैं और वाइफ विद स्मॉल फेमिली, रिशु, किशु किसी को तकलीफ में नहीं छेड़ सकता, इसीलिए उन्हें भी मैं अपने साथ ले जा रहा हूँ। सबसे पुनः माफी मांगता हूं।