भाजपा और कांग्रेस में संगठन को संवारने की नई कवायद

मप्र में समारोहपूर्वक पीएम मोदी की मन की बात सुनने के बाद अब  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व जल्द ही भाजपा के सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश मप्र के विधायकों के मन की बात सुनेंगे वहीं कांग्रेस मुख्यालय में जिला प्रभारियों व संगठन मंत्रियों की बैठक हो रही है। यह दोनों संवाद काफी महत्वपूर्ण व निर्णायक माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा के भीतर भी कांग्रेस की तैयारियों को देखते हुए विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट देने और टिकट काटने के विषय को अंतिम रूप दिया जाने लगा है।

शिवराज आज विधायकों से वन टू वन कर रहे हैं जिनसे पिछले दौर में बातचीत बाकी रह गई थी। दरअसल माना जाता है कि उन्होंने सभी भाजपा विधायकों के क्षेत्र में उनके कामकाज का आकलन कराया है। जिसके आधार पर वे विधायकों को जरूरी हिदायते दे रहे हैं। भाजपा ने रूठे नेताओं और निष्क्रिय विधायकों की भी 'छंटनी' की है। इन्हें मनाने व सक्रिय रहने के लिए कहा जा चुका है। अब यह सभी संगठन नेताओं की रडार पर हैं।

जानकार सूत्र बताते हैं कि शिवप्रकाश मप्र के विधायकों का आंकलन केंद्रीय हाइकमान के 'मापदंड' के आधार पर करने वाले हैं। हालांकि सूत्रों की मानें तो इस महीने तक भाजपा करीब डेढ सौ सीटों पर अपने नाम तय करने के मूड में हैं। हाल में पार्टी नेताओं, प्रभारियों की दिनभर चली बैठक में भी तेजी से काम करने का निर्णय हुआ था। पार्टी मौजूदा विधायकों में भी खराब परफार्मेंस वाले या उम्र आदि के क्राइटेरिया के आधार पर करीब पचास चेहरे बदलना चाहती है।

इन्हें मिलाकर करीब सौ ऐसे नए चेहरे वहां भी उतारे जायेंगे, जहां भाजपा को पिछले चुनाव में हार मिली थी । मुख्यमंत्री ने दो महीने पहले वन टू वन बैठकों में भी विधायकों को उनके रिपोर्ट कार्ड की झलक दिखा दी थी।दूसरी तरफ कांग्रेस चीफ कमलनाथ ने आज संगठन मंत्रियों की बैठक बुलाई है। सभी को अब तक के कामकाज के विस्तृत ब्योरे के साथ बुलाया गया है। वे पार्टी दफ्तर में सभी से इसकी जानकारी ले रहे हैं।

जानकारों की मानें तो कांग्रेस ने 75 कमजोर सीटों पर अपना होमवर्क काफी हद तक पूरा कर लिया है। दिग्विजय सिंह के कमजोर सीटों पर दौरे आखिरी चरण में हैं। यहां कांग्रेस अब संगठन मंत्रियों से भी रिपोर्ट ले रही है तथा यहां के लिये उम्मीदवारों के नाम जल्द तय हो जायेंगे।