मप्र में भाजपा सरकार व संगठन ने जून के आखिरी दस दिन अपने शीर्ष नेताओं के तीन अंचलों में दौरे इस तरह डिजाइन किये हैं कि इससे क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने की राह निकले और सियासी जरूरतों को भी पूरा किया जाए। चुनाव देखते हुए उप्र की तर्ज पर मप्र में केन्द्रीय नेताओं के दौरे बढ़ेंगे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा जून महीने में दो तीन दिन के अंतराल से मप्र के दौरे करने वाले हैं। बीती रात इन्हीं कार्यक्रमों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लंबी चर्चा की है। हालांकि शिवराज की मप्र में पार्टी व सरकार के कामकाज पर भी चर्चा हुई है। 

खासतौर पर हाल में कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी के महाकोशल दौरे व कांग्रेस की घोषणाओं के प्रभाव पर भी मंथन किया गया है। माना जा रहा है कि इसी क्रम में शाह का बालाघाट दौरा तय किया गया है, यह भी महाकोशल का हिस्सा है जहां भाजपा 38 सीटों पर प्रभुत्व बनाने के लिए जोर लगा रही है। और कांग्रेस भी यही कोशिश में है। 

शाह दो महीने पहले भी इस अंचल के छिंदवाड़ा दौरे पर आए थे। तीस जून को नड्डा का मप्र दौरा बन रहा है। एक सूत्र का कहना है कि भाजपा और कांग्रेस का महाकोशल पर जोर इसलिए भी है ताकि यहां से विंध्य तक असर पैदा किया जा सके। प्रधानमंत्री 27 जून को धार और भोपाल आ रहे हैं। वह धार में जनजातीय समाज के कार्यक्रम में शामिल होंगे और भोपाल में जबलपुर-इंदौर के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे।

देश के 10 लाख बूथों पर निगाहें

खास बात यह भी है कि भाजपा के बूथ विस्तार अभियान के माध्यम से प्रदेश संगठन ने 64 हजार 100 बूथों को डिजिटल बूथ बनाने का काम किया गया है और मध्यप्रदेश के 38 लाख कार्यकर्ता डिजिटल पंजीकृत हैं। प्रधानमंत्री मोदी 27 जून को देशभर के 10 लाख बूथों पर पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे, जिसमें मध्यप्रदेश के 64 हजार 100 बूथों के बूथ अध्यक्ष, बूथ समिति, पन्ना प्रमुख, पन्ना समिति के सदस्य सहित लगभग 38 लाख बूथ कार्यकर्ता शामिल हैं प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है कि मोदी भोपाल में जोरदार स्वागत करने के लिएके साथ ही भोपाल में एक रोड शो करने की भी अनुमति मांगी गई है। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री की अनुमति मिलेगी तो व्यापक रोड शो भी करेंगे।