भोपाल: प्रदेश के पालपुर कूनो में बसे चीतों की खुराक के लिये नीमच एवं मंदसौर के जंगलों से काले हिरण एवं रोजड़े (जिन्हें पहले नील गाय कहा जाता था) भेजे जायेंगे। इसके लिये राज्य शासन ने वन विभाग की वन्य प्राणी शाखा को अनुमति प्रदान कर दी है। चूंकि काला हिरण अनुसुची एक में शामिल है, इसलिये इसे कूनो ले जाये जाने के पूर्व केंद्रीय वन्य प्राणी बोर्ड से भी अनुमति ली जाना जरुरी होगा।
ज्ञातव्य है कि नीमच एवं मंदसौर में काले हिरण एवं रोजड़े काफी संख्या में हैं तथा ये किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाते रहते हैं। वहां के जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से इसकी अनेक बार शिकायत की है।
चूंकि इन्हें बंदूक से मारने के लिये अनुमति लेने की प्रक्रिया बड़ी जटिल है, इसलिये राज्य शासन ने इन काले हिरणों एवं रोजड़ों में से कुछ को कूनो शिफ्ट करने का निर्णय लिया है जिससे ये एक प्राकृतिक आहार के रुप में चीतों के भी काम आ सकें।
नीमच एवं मंदसौर से कितने काले हिरण एवं रोजड़े पकड़ कर कूनो ले जाये जायेंगे, इसका निर्णय वन्य प्राणी शाखा करेगी तथा काले हिरणों की शिफ्टिंग के लिये नेशनल वाईल्ड लाईफ बोर्ड से भी अनुमति लेगी।