भोपाल: प्रदेश के बालाघाट जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल बालाघाट के अंतर्गत सोनेवानी वन क्षेत्र को अभयारण्य के रुप में गठित करने का निर्णय स्थानीय विरोध के कारण टल गया है। वन विभाग के अंतर्गत सीएम की अध्यक्षता वाले राज्य वन्य प्राणी बोर्ड ने चार माह पहले 14 अक्टूबर 2022 को निर्णय लिया था कि कान्हा-पेंच बाघ कारीडोर में स्थित सोनेवानी आरक्षित वनखण्ड के 163.195 वर्ग किमी वन क्षेत्र को सोनेवानी अभयारण्य बनाया जाये।
दरअसल इस अभयारण्य की सीमा से एक किमी बाहर में चार खदानें आ रही हैं तथा चूंकि यह एक किमी का एरिया इको सेंसेटिव जोन में आ रहा था, इसलिये विरोध की शुरुआत हुई क्योंकि इससे इन खदानों को बंद करना पड़ता। भाजपा विधायक गौरीशंकर बिसेन भी इस अभयारण्य का जमकर विरोध कर रहे हैं।
हालांकि इस क्षेत्र के भाजपा सांसद ढाल सिंह बिसेन इस अभयारण्य के गठन के पक्ष में हैं। लेकिन स्थानीय विरोध को देखते हुये राज्य सरकार ने इस अभयारण्य के गठन का प्रस्ताव टाल दिया है।
ये प्रस्ताव भी टले :
वन्यप्राणी बोर्ड ने खरमोर अभयारण्य सरदारपुर एवं सैलाना अभयारण्य रतलाम के कुछ हिस्सों को डिनोटिफाई करने का भी निर्णय लिया था परन्तु यह निर्णय पर भी अब तक अमल नहीं हो पाया है तथा यह निर्णय भी टल गया है।