मध्यप्रदेश में अधिकाँश इलाकों में तेज बारिश-आंधी और ओलावृष्टि का दौर जारी है। ओलावृष्टि से सड़कों पर सफेद चादर सी बिछ गई और खेतों में खड़ी गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं। अभी भी मौसम से राहत के आसार नहीं हैं।
इसी के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक बुलाई है। बैठक में मुख्यमंत्री ने आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। बैठक में उन्होंने बताया कि प्रदेश के 20 जिलों में असमय बारिश और ओलावृष्टि की जानकारी आई है। 6 से 8 मार्च के लगभग हुई बारिश के दौरान पहले फेस का सर्वे पूरा हो चुका है। 6 से 19 मार्च तक दूसरे फेस का सर्वे शुरू हो चुका है। सभी जगह सर्वे दल गठित हो चुके है और सर्वे का काम चल रहा है। सर्वे दल में राजस्व, कृषि और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अमले को शामिल किया गया है। फसल सर्वे का पूरा काम 25 मार्च तक हो जाएगा।
CM शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसान भाई बहनों के साथ खड़ी है। सर्वे में लापरवाही ना हो, पूरी ईमानदारी से सर्वे किया जाए और किसी भी प्रकार की कोई गलती ना करें। रिवेन्यू, कृषि और पंचायत विकास के अमले को सर्वे में एक साथ शामिल करें। सर्वे पूरा होने के बाद सूची को पंचायत के दफ्तर में लगा दिया जाए।
सर्वे होने के बाद किसी किसान की आपत्ति आती है तो उसका भी निराकरण किया जाए। पूरी ट्रांसपेरेंसी के साथ, संवेदना के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार किसानों के साथ है। आरबीसी 6-4 के अंतर्गत फसल नुकसान की भरपाई की जाएगी। पशु हानि की भी सूचना आई है पशु हानि के भी नुकसान की भरपाई मध्यप्रदेश सरकार करेगी। फसल सर्वे का पूरा काम 25 मार्च तक हो जाएगा।