भोपाल: पौने दो माह बाद राजधानी भोपाल में बन रहे वन भवन के निर्माण कार्यों के सत्यापन के लिये प्रशासकीय समिति गठित हो गई है। उल्लेखनीय है कि वन भवन के निर्माण कार्यों के सत्यापन के लिये वन मंत्री विजय शाह ने 27 दिसम्बर 2022 को निर्णय लिया था और एक समिति बनाने के लिये कहा था। पौने दो माह बाद यह समिति विधिवत रुप से गठित हो गई है।
इसके अध्यक्ष पीसीसीएफ उत्पादन शाखा असीम श्रीवास्तव बनाये गये हैं जबकि सदस्यों में एपीसीसीएफ प्रशासन-2 एचएस मोहन्ता, डीएफओ भोपाल आलोक पाठक, चम्बल बेतवा जन संसाधन के मुख्य अभियंता जेएस कुसरे एवं वृत्त-2 लोनिवि के एसई योगेन्द्र कुमार शामिल हैं। इस समिति को पन्द्रह दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देने के लिये कहा गया है।
बढ़ गई लागत :
भोपाल में वन भवन वर्ष 2008 से बन रहा है तथा विभिन्न कारणों से इसके निर्माण में विलम्ब हुआ। इस पर अब तक 152 करोड़ रुपये व्यय हो चुका है तथा 28 करोड़ रुपये और मांगे गये हैं जिसके लिये फाइल मुख्य सचिव के पास मंजूरी के लिये भेजी गई है। इस वन भवन का निर्माण राज्य पर्यटन निगम द्वारा किया जा रहा है।
इस भवन का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो गया है परन्तु इसके निर्माण में लगी सामग्री की गुणवत्ता के सत्यापन के लिये वन मंत्री ने समिति गठित करा दी है तथा समिति की रिपार्ट के बाद ही वन विभाग इस भवन का आधिपत्य पर्यटन निगम से लेगा।
यदि सबकुछ ठीक रहा तो 22 मार्च को गुड़ी पड़वा के दिन वन भवन में प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। इस भवन में वन मंत्री एवं एसीएस के कक्ष भी रहेंगे तथा मीटिंग के लिये सौ सीट वाले हॉल में एलईडी प्रोजेक्टर भी रहेगा। भवन की छत पर सोलर पैनल भी लगेंगे। भवन के उद्यानों में वन्यजीव की थीम भी रहेगी।