मणिपुर में भड़की हिंसा ने अब तक पचास से ज्यादा जिंदगियां छीन ली हैं। हालात सामान्य होने का दावा किया जा रहा है लेकिन लोगों मे दहशत है। हिंसाग्रस्त क्षेत्रों से नागरिकों को निकालने का ऑपरेशन और तेज हो गया है। सुरक्षा बलों ने आज कुछ देर के लिए कर्फ्यू में ढील दी तो लोग जरूरी सामान खरीदते नजर आए। दूसरी तरफ वहां फंसे लोगों को निकालने के लिए महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश ने स्पेशल फ्लाइट्स चलाई हैं। मप्र ने भी यही प्रयास तेज कर दिए हैं। इसके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड की सरकारों ने भी रेक्स्यू के लिए कदम उठाए हैं। फिलहाल इम्फाल से बाहर निकलने के लिए फ्लाइट्स ही सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है लेकिन इम्फाल - कोलकाता रूट पर हवाई किराया जबर्दस्त बढ़ गया है। अगले कुछ दिन के लिए सभी फ्लाइट्स बुक हैं। किराया 30 हजार रुपए तक पहुंच गया। वहीं, मणिपुर हिंसा का मामला आज सुप्रीम कोर्ट में उठेगा। कई याचिकाएं शीर्ष अदालत में दायर की गई हैं। 

मध्यप्रदेश के 20 लोग फंसे

इधर मप्र के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मणिपुर में हमारे प्रदेश के 20 लोग हैं, 12 के नंबर मिल गए हैं, मणिपुर के सीएम से मप्र के सीएम शिवराज की बात हुई है, हम भी बच्चों से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, कुछ बच्चों ने आने की स्वीकृति दी है कुछ बच्चों का कहना है वे सुरक्षित हैं बच्चों को पहले कोलकाता लाया जाएगा उसके बाद रूटीन फ्लाइट से मध्यप्रदेश लाया जाएगा। 

अब तक 23 हजार को बचाया

बताया जाता है कि मणिपुर में हिंसा रोकने के लिए बुलाई गई सेना और असम राइफल्स ने अब तक लगभग 23 हजार नागरिकों को सफलतापूर्वक बचाया है और उन्हें सैन्य छावनियों में भेजा गया है। सेना ने एक बयान में कहा कि बचाव अभियान शुरू होने के बाद से हिंसा की कोई बड़ी घटना नहीं हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कर्फ्यू में ढील दी गई है। सुरक्षा सलाहकार तैनात वहीं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) प्रमुख कुलदीप सिंह को मणिपुर सरकार का सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) आशुतोष सिन्हा को समग्र परिचालन कमांडर नियुक्त किया है। इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव विनीत जोशी को मणिपुर का मुख्य सचिव बनाया गया है।

सेना ने हवाई निगरानी बढ़ाई

पिछले 24 घंटों में सेना ने हवाई निगरानी बढ़ा दी है। इंफाल घाटी के भीतर सेना के हेलीकाप्टरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने हैदराबाद में कहा कि केंद्र सरकार मणिपुर में संघर्षरत गुटों से बातचीत करने और उनके मुद्दों के समाधान के लिए तैयार है। राज्य के पुलिस महानिदेशक पी डोंगल ने कहा है कि सुरक्षा बलों के हस्तक्षेप के बाद राज्य में स्थिति में सुधार हुआ है।