मध्यप्रदेश में हाल ही में हुई पटवारी परीक्षा को लेकर सियासत थमती दिखाई नहीं दे रही है। पटवारी परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद से ही कांग्रेस मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार पर जमकर हमला बोल रही है। वहीं सरकार इसे कांग्रेस का प्रोपेगेंडा बता रही और डर्टी पॉलिटिक्स बताया है।
शुक्रवार को गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दो टूक कहा कि पटवारी भर्ती परीक्षा को लेकर कमलनाथ जी ने डर्टी पॉलिटिक्स करके राहुल गांधी को मटियामेट कर दिया अब इसे लेकर प्रियंका गांधी से भी झूठ का ट्वीट करा दिया और खुद दुबई चले गए, बाकी सबको छोड़कर। गृहमंत्री मिश्रा ने कहा कि पहले भी उन्होंने सभी झूठे आरोपों का जवाब दिया है।
कमलनाथ को सीधे चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि आप कह रहे हैं कि 1000 लोग पास हुए जबकि केवल 114 ही लोग एक सेंटर से पास हुए हैं, वो भी अलग-अलग पालियों में। प्रदेश में जनाधार खो चुकी कांग्रेस गलत तथ्यों के आधार पर नौजवानों में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। मेरे पास आपके एक-एक सवाल का जवाब है।
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नियुक्तियों पर रोक लगाने का आदेश जारी कर जांच के भी आदेश दिए गए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस फैसले की जानकारी देते हुए ट्वीट किया- 'कर्मचारी चयन मंडल द्वारा समूह-2, उप समूह-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के परीक्षा परिणाम में एक सेन्टर के परिणाम पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां अभी रोक रहा हूँ। सेन्टर के परिणाम का पुनः परीक्षण किया जाएगा।'
वहीं परीक्षा परिणाम को लेकर परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी आहत नज़र आ रहे हैं। वे पूरे मामले पर CBI जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी CM शिवराज पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है उनका कहना है, कि कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित समूह-2, उप समूह-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के परिणाम में धांधली के समाचार सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने नियुक्तियां रोकने का फैसला कर, यह स्वीकार कर लिया है कि इन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और घोटाला हुआ है।