भोपाल: प्रदेश में गुजरात मॉडल पर चार जिलों में सांस्कृतिक वन बनाये जायेेंगे। इसके लिये जहां वन विभाग में कैम्पा फण्ड के अंतर्गत 25 करोड़ और पर्यावरण विभाग के अंतर्गत 20 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं।

उल्लेखनीय है कि पीएम नरेंद्र मोदी के सुझाव पर अमल करते हुये राज्य सरकार ने वन विभाग के एपीसीसीएफ यूके सुबुध्दि को गुजरात भेजकर वहां के हर जिले में हर साल बन रहे सांस्कृतिक वनों का अध्ययन कराया था। ये सांस्कृतिक वन स्थानीय विरासत को प्रदर्शित करने की थीम पर बने हैं तथा इनमें भारी संख्या में पर्यटक भी आते हैं।

राज्य के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस ने पहले चरण में चार जिलों में ये सांस्कृतिक वन बनाये जाने की स्वीकृति दे दी है। इनमें उज्जेन जिले में विक्रम यूनिवर्सिटी कैम्पस में महाकाल सांस्कृतिक वन, सतना जिले के चित्रकूट में राम वन, छतरपुर जिले के खजुराहो में विरासत वन बनाया जायेगा। जबकि भोपाल नगर में लिंक रोड-3 स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिटी फारेस्ट को सांस्कृतिक वन के रुप में विकसित करने की संभावनाओं को तलाशा जायेगा।

प्रत्येक सांस्कृतिक वन 5-5 हैक्टेयर क्षेत्र का होगा जिसके लिये पर्यावरण विभाग बीस करोड़ रुपये की राशि वन विभाग को उपलब्ध करायेगा। इधर कैम्पा फण्ड के अंतर्गत भी गुजरात मॉडल के अनुसार सिटी पार्क विकसित करने के लिये 25 करोड़ रुपयों की स्वीकृति मुख्य सचिव ने दी है।