भोपाल: प्रदेश की सायबर तहसीलें सिर्फ नामांतरण के वही मामले ही देखेगी जिनमें किसी खसरा संख्यांक या सम्पूर्ण भूखण्ड संख्यांक का विभाजन नहीं होना है। जिनमें विभाजन होना है और अन्य राजस्व मामले हैं, उन पर कार्यवाही क्षेत्रीय तहसीलदार ही करेंगे और पक्षकारों को इलेक्ट्रानिक तरीके से सूचना जारी करेंगे।

इसके लिये राज्य सरकार के राजस्व विभाग ने दो साल पहले 27 मई 2022 को जारी अपने तत्सम्बंधी आदेश को अधिक्रमित कर दिया है और नया आदेश जारी किया है। दरअसल, जिन मामलों में एक ही खसरा नंबर वाली भूमि का पक्षकारों के बीच विभाजन होना है, उसका निपटारा सायबर तहसील में नहीं हो पाता है क्योंकि साफ्टवेयर में बटान की सुविधा नहीं है तथा सिर्फ एक ही खसरे नंबर वाली भूमि में पक्षकारों के नाम चढ़ाने की सुविधा है। इसीलिये यह नया आदेश जारी किया गया है।