छत्तीसगढ़ के बाद BJP को मध्यप्रदेश में भी झटका लग सकता है। मप्र की राजनीति के संत कहे जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक जोशी के कांग्रेस का हाथ थामने की ख़बरें सामने आ रही हैं। कहा जा रहा है, कि दीपक जोशी 6 मई को कमलनाथ के हाथों कांग्रेस की सदस्यता ले सकते हैं।
दीपक जोशी ने भी इशारों में साफ कर दिया कि कार्यकर्ताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जो सहयोग करेगा, उसके साथ जाउंगा। एक इंटरव्यू में दीपक जोशी ने कहा कि मैं ईमानदारी की राजनीति करता रहा हूं, मैं अपने पिता की राजनीति को आगे बढ़ा रहा हूं। चुनाव की राजनीति में मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है। न मैं किसी से टिकट मांग रहा हूं। लेकिन, कार्यकर्ताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा।
दीपक जोशी पिछला चुनाव हाटपिपलिया सीट से हार गए थे। वहीं सिंधिया समर्थक मनोज चौधरी कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में आ गए थे उपचुनाव ने पार्टी मनोज चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया था। वह चुनाव भी जीत गए थे जिसके बाद से दीपक जोशी स्वयं को राजनीतिक रूप से असुरक्षित महसूस कर रहे थे वह उपचुनाव के समय भी कांग्रेस के संपर्क में थे।
आपको बता दें, कि दीपक जोशी मालवा से आते हैं मालवा में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत और कांग्रेस की स्थिति कमजोर है। अगर वह कांग्रेस में आते हैं तो हाटपिपलिया सीट के अलावा बागली सीट पर भी इसका असर दिख सकता है।