मध्यप्रदेश के सीधी पेशाब कांड को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। मामले में रोज नए ट्विस्ट और टर्न आ रहे हैं। घटना को लेकर अब ये कहा जा रहा था, कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति और सीएम आवास पे जाने वाला व्यक्ति दोनों अलग-अलग हैं। दोनों में काफी असमानताएं हैं।
अभ इसे लेकर सीधी कलेक्टर का एक बयान सामने आया है, उनका कहना है, कि जिले के वायरल वीडियो मामले में कतिपय कुछ न्यूज़ चैनलों/मीडिया ग्रुप्स में यह भ्रामक खबर चलाई जा रही है कि वीडियो में दिख रहा पीड़ित व्यक्ति दशमत रावत नहीं है जबकि पुलिस विवेचना में पुष्टि की जा चुकी है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति दशमत रावत ही है।
इस संबंध में सीधी पुलिस द्वारा समस्त भ्रामक खबरों का खंडन किया गया है। अतः जिला प्रशासन भी उक्त भ्रामक खबरों का खंडन करता है। सीधी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवींद्र कुमार वर्मा ने कहा, "कुबरी गांव की घटना के पीड़ित दसमत रावत को मुख्यमंत्री आवास ले जाया गया और उनका अभिनंदन किया गया।"
दरअसल, कांग्रेस ने बिना किसी जांच के ट्वीट किया। कांग्रेस ने लिखा कि, प्रत्यक्ष मूत्र कांड में बड़ा खुलासा, शिवराज ने दूसरे के पैर धोने की चाल चली, क्या असली पीड़ित गायब है? शिवराज जी, इतनी बड़ी साजिश? मध्य प्रदेश आपको माफ नहीं करेगा।
सीधी कांड की व्यापक निंदा हुई। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें प्रवेश शुक्ला नाम का शख्स एक दशमत के ऊपर पेशाब कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित दशमत रावत के पैर धोये और उनका सम्मान किया।
मामले को लेकर पीड़ित दशमत रावत का बयान सामने आया है। पीड़ित के मुताबिक, "यह घटना साल 2020 की है। मैं शराब के नशे में था। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैंने यह भी नहीं देखा कि मेरे ऊपर पेशाब करने वाला शख्स कौन था?
जब यह वीडियो वायरल हुआ तो मुझे पुलिस स्टेशन ले जाया गया और फिर कलेक्टर के पास ले जाया गया। जहां मैंने बार-बार झूठ बोला कि वीडियो में प्रताड़ित किया जा रहा व्यक्ति मैं नहीं हूं, लेकिन जब आरोपी प्रवेश शुक्ला ने खुद अपराध कबूल कर लिया तो मुझे यकीन हो गया।