लव जिहाद को लेकर शुरु हुआ सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एमपी में लव जिहाद बर्दाश्त न करने की बात कही थी अब पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बुज़ुर्ग नेता दिग्विजय सिंह जिहाद की डेफिनेशन दे तारीफ़ कर रहे है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने जिहाद की परिभाषा बताई है साथ ही उन्होंने प्रवचन देने वाले बाबाओं को फ़्रॉड बताया है।

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने लिखा “जिहाद एक अरबी शब्द है। जिसका अर्थ है प्रयत्न करना नैतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए की जाने वाली ज़द्दोज़हद या संघर्ष, किसी जायज़ माँग के लिए भरपूर कोशिश करना या आंदोलन और जिसका मतलब मेहनत और मशक़्क़त करना भी है।”

दिग्गी राजा का कहना है, कि पढ़ाई व रोज़गार में मेहनत और मशक़्क़त करना भी “जिहाद” है? क्या करें जब अनपढ़ लोग शक्तिशाली पदों पर पहुँच जाते हैं प्रॉड बाबा लोग सनातन धर्म पर प्रवचन करने लगते हैं तो क्या देश व सनातन धर्म विनाश की ओर नहीं जायेगा?

अब दिग्गी राजा के जिहाद प्रेम के चलते सियासी पारा चढ़ता नज़र आ रहा है। दिग्विजय सिंह के बयान पर अब प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने जमकर निशाना साधा है।उनका कहना है, कि कितनी मासूमियत से दिग्विजय सिंह जी ने ये बात कही है और क्या डेफीनेशन दी है आप देखें। दिग्विजय सिंह जी कभी ये परिभाषा आपने ISI को समझाई, अलकायदा को समझाई, PFI को समझाई, सिमी को समझाई। आपको बस आदत बन गई है सनातन का अपमान करने की। सनातन धर्म पर हमला करने की। कल भोपाल में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी द्वारा लव जिहाद को लेकर बेटियों को दिए गए संस्कार की बात की। सुरक्षा की बात को लेकर उन्होंने ज्ञान दिया। आपको यही बात अखर गई और आपने सनातनी को लेकर संतों को ढ़ोंगी करार कर दिया।

गृहमंत्री मिश्रा ने आगे कहा , कि मैं सवाल पूछना चाहता हूं कमलनाथ जी से, प्रियंका जी से जो धर्म का चोला ओढ़कर आते हैं, कि दिग्विजय सिंह जी ने जो सनातनी संतों को लेकर जो बोला है, इस तरह के आपत्तिजनक बयान को क्या आप सही मानते हैं, तो हां करो और न करते हैं, को कार्रवाई करो। पर ये करेंगे नहीं क्योंकि ये तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। कमलनाथ जी इस पर मौन ही रहेंगे।