मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के गढ़ों में नया सियासी संघर्ष छिड़ गया है। चुनाव से आठ महीने पहले यह संघर्ष आगामी चुनाव में एक दूसरे के प्रति पोशीदा - सौजन्यता वाले कल्चर के पीछे छूट जाने का इशारा कर रहा है। 19 मार्च को छिंदवाड़ा में केंद्रीय मंत्री व भाजपा के चुनाव योजनाकार अमित शाह की मौजूदगी काफी महत्वपूर्ण मानी जाग रही है। भाजपा ने कमलनाथ को उनके चालीस साल पुराने गढ़ में घेरने की तैयारी तेज कर दी है। शाह ने हालांकि पिछले चुनाव के वक्त भी इस इलाके का दौरा किया था, लेकिन ताजा परिस्थितियों में इसके कई सारे मायने हैं।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि शाह के दौरे व कार्यक्रमों पर भी नजर रखी जा रही है। इसके मुताबिक कांग्रेस अपनी रणनीति में परिवर्तन करेगी। दरअसल, शाह का दौरा मुख्यतः लोकसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि भाजपा ने उन डेढ सौ सीटों पर फोकस किया है जो वह हारती रही है। चूंकि छिंदवाड़ा में अब कमलनाथ के बजाए उनके बेटे नकुल सांसद हैं इसलिये भाजपा इलाके की तगड़ी घेराबंदी चाहती है।

नकुल यहां 37 हजार के आसपास वोटों से जीते थे। इससे पहले शाह ने बीते महीने विंध्य में दो दिन गुजारकर कांग्रेस को अलर्ट कर दिया है। विंध्य में भाजपा कांग्रेस की वापसी की हर संभावना को खत्म करने के मूड में है। जानकारों का मानना है कि इसीलिये कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह को तीन दिन के विंध्य दौरे पर भेजा है, ताकि यहां मूड भांपा जा सके। विंध्य में पिछले चुनाव में जोरदार नुकसान से कांग्रेस की सरकार बहुमत के लिहाज से काफी कमजोर रही थी। इसके बाद दिग्विजय सिंह दो दिन के लिये गुना और दतिया के दौरे पर रहेंगे। यह क्षेत्र नरोत्तम मिश्रा का प्रभावक्षेत्र है। पहले दतिया में कांग्रेस एक बड़ा सम्मेलन करने की तैयारी में थी लेकिन अब पहले ग्राउंड वर्क करने का निश्चय किया गया है।

चंबल में भी घमासान

भाजपा ने ग्वालियर चंबल में इस बार कांग्रेस से हिसाब चुकाने के लिये नरेंद्र सिंह तोमर, ज्योतिरादित्य सिंधिया, जयभान सिंह पवैया समेत तमाम नेताओं को मोर्चे पर तैनात करने के लिये अभी से लक्ष्य तक दे दिये हैं। सूत्रों का कहना है कि हर महीने इन नेताओं को दौरा करने के लिये कहा गया है इसके अलावा अभी भी से क्षेत्र जातीय व सामाजिक समीकरणों पर नजर रखने और कांग्रेस के कार्यक्रमों का काउंटर करने के तैयारी भी की गई। है। दरअसल कांग्रेस चंबल ग्वालियर मजबूत मानी जा रही है।