भोपाल: राज्य के जल संसाधन विभाग में पदों का आधिक्य हो गया है तथा उसने अनुकम्पा नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। प्रमुख अभियंता मदन सिंह डावर ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि जल संसाधन विभाग में सहायक वर्ग-3, भूत्य एवं अन्य संवर्ग के कर्मचारियों के पदों को शासन द्वारा सांख्येत्तर घोषित किया है।

जिससे मंडल कार्यालय/संभागीय कार्यालय में उक्त पदों की रिक्तता होगी किन्तु विभागीय संरचनाओं में आधिक्य में कार्यरत कर्मचारियों से पद भरे हुये हैं। प्रमुख अभियंता ने निर्देश में कहा है कि जिला कलेक्टरों द्वारा रिक्त पदों की जानकारी मांगी जा रही है।

हरदा में रिक्त पद की जानकारी दिये जाने के कारण कलेक्टर द्वारा तीन सहायक वर्ग-3 कर्मचारियों को रिक्त पदों के विरुध्द अनुकम्पा नियुक्ति दे दी गई है। भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो और विभाग से प्रदेश स्तर पर आधिक्य में कर्मचारियों कार्यरत होने के कारण संबंधित जिला कलेक्टरों को रिक्त पदों की जानकारी न भेजी जाये।

इस निर्देश के साथ, आठ साल पहले 11 जून 2014 में तत्कालीन प्रमुख अभियंता एमजी चौबे द्वारा जारी सर्कुलर की भी जानकारी दी गई है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रदेश स्तर पर पर आधिक्य में कर्मचारी कार्यरत होने के कारण जिला कलेक्टरों को पद रिक्त होने की जानकारी न भेजी जाये, यदि जिला कलेक्टर के द्वारा किसी प्रकार अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है तो उसे मान्य नहीं किया जाये, क्योंकि विभाग में पद रिक्त नहीं हैं।