भोपाल: प्रदेश के वन क्षेत्रों जिनमें नेशनल पार्क एवं टाईगर रिजर्व भी शामिल हैं, में नये पर्यटक वाहनों के परमिट के लिये सीटों की छूट हेतु परिवहन विभाग से सहमति ली जायेगी।

दरअसल वन विभाग के पास प्रस्ताव आया था कि वन क्षेत्रों में पर्यटकों के भ्रमण हेतु कार्यरत जिप्सी वाहनों का निर्माण वर्ष 2018 से बंद हो गया है और नई गाडिय़ां नहीं आ रही हैं। पुरानी गाडिय़ां लगभग खराब हो रही हैं। नई गाडिय़ों में बोलेरो केम्पर अच्छा वाहन है लेकिन इसमें 1 प्लस 3 की यात्री क्षमता है और परमिट भी इतना ही मिलता है। इससे पर्यटन पर असर पड़ रहा है और बेरोजगारी की समस्या भी बढ़ सकती है। इसके लिये उच्च स्तर पर आरटीओ से बात कर सीटों की छूट लेनी होगी क्योंकि ये वाहन नेशनल पार्क और अभयारण्यों की लाईफ लाईन हैं।

इस प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया है कि वनों के लिये जो पर्यटक वाहन बेहतर हैं उन्हें लिया जाये तथा सीटों की छूट के लिये परिवहन विभाग से बात कर सहमति ली जाये। इसलिये अब वन विभाग सीटों की छूट हेतु परिवहन विभाग से सहमति लेगा। उल्लेखनीय है कि जिप्सी वाहनों में सात पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था रहती है लेकिन अब जो नये वाहन आ रहे हैं, उनमें सीटों की इतनी व्यवस्था नहीं रहती है। 

वन विहार में निजी वाहन प्रतिबंधित होंगे :

वन विभाग भोपाल में स्थित वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में निजी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित करने पर विचार कर रहा है। इसका कारण यह है कि निजी वाहनों के आने-जाने से वहां वन्यप्राणियों की गतिविधियों खासकर ब्रीडिंग पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है और हिट एण्ड रन के मामले भी सामने आये हैं। निजी वाहनों के स्थान पर होप ऑन, होप आफ यात्री बसों एवं स्कूल बसों को चलाया जा सकता है। इसीलिये वन विभाग ने निर्णय लिया है कि पर्याप्त मात्रा में विभागीय वाहन उपलब्ध होने पर निजी वाहनों को प्रतिबंधित किया जायेगा। फिलहाल वन विभाग ने आठ सीटर बैटरी चलित चार गोल्फ कार्ट बीस लाख रुपये में क्रय करने का टेण्डर जारी किया है जिन्हें वन विहार में आने वाले पर्यटकों के लिये चलाया जायेगा। आगामी 16 मई को यह टेण्डर खोला जायेगा।