भोपाल. कूनो नेशनल पार्क श्योपुर से बुरी खबर आ रही है. नामीबिया से लाई गई शेषा नामक फीमेल चीता गंभीर रूप से बीमार है. वह डिहाइड्रेशन और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित है. नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका के डॉक्टरों की सलाह उपचार किया जा रहा है. कुनो डीएफओ प्रकाश वर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार है बुधवार को उसने खाना भी खाया है.
जानकारी के मुताबिक मादा चीता डिहाइड्रेशन और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित है. विशेषज्ञ डॉक्टरों डॉ ओमकार अंचल, डॉ जितेंद्र जाटव , डॉ सनाथ विल की एक टीम को उसके इलाज के लिए कूनो नेशनल पार्क भेजा गया है. डॉक्टरों की टीम नामिबिया और दक्षिण अफ्रीका के चिकित्सकों को फीमेल चीता की रिपोर्ट भेजकर उनके निर्देशन में उपचार कर रहे हैं.
कूनो नेशनल पार्क के अधिकारियों ने बताया कि मादा चीते को फ्लुइड दिया गया है और इसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ है वह कूनो में अपने नए घर में अच्छे तरीके से रह रही थी और अब तक कोई समस्या नहीं हुई थी। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि चीतों को किडनी की बीमारी होने की आशंका ज्यादा होती है. करीब एक सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया था कि फरवरी महीने से पर्यटक कूनो में चीतों को देख सकेंगे. सरकार चीता सफारी की तैयारियों में भी लगी हुई है। मादा चीते की बीमारी से तैयारियों पर असर पड़ सकता है.
एक अच्छी खबर
कूनो नेशनल पार्क के लिए एक अच्छी खबर यह भी है. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने गणतंत्र दिवस के 1 दिन पहले बुधवार को मध्य प्रदेश के कूनो आने वाले चीता संबंधित एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिया है. दक्षिण अफ्रीका से 12 चीता आना है. चयनित किए गए 12 चीते क़्वारंटीन में करीब साढे तीन माह से बंद है. बुधवार को हस्ताक्षर होने के बाद संभावना बताई जा रही है कि फरवरी माह के मध्य में चीता दक्षिण अफ्रीका से मध्यप्रदेश आ सकते हैं