मप्र समेत नौ राज्यों के चुनाव के पहले दिल्ली में चल रही भाजपा कार्यसमिति की बैठक काफी महत्वपूर्ण हो गई है। इसमें भाजपा की चुनाव जीतने की चिंता सामने आई है। जल्द होने वाले कर्नाटक चुनाव को देखते हुऐ यहां मुख्यमंत्री बदला जाने लगभग तय नजर आने लगा है। यहां येदियुरप्पा की पूछपरख फिर बढ़ सकती है।

दरअसल जिस गुजरात फार्मूले का भाजपा शासित राज्यों में 'खौफ है, वह पहले कर्नाटक में आजमाया जा सकता है। गुजरात में भाजपा ने मुख्यमंत्री रूपाणी समेत कई मंत्रियों को चुनाव के पहले बदल दिया था और बाद में चुनाव के ऐनवक्त कईयों के टिकट काटकर चुनाव जीता। इस बैठक के लिये मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा कल से दिल्ली में हैं।

बैठक का दूसरा दिन काफी निर्णायक माना जा रहा है। सूत्र का कहना है कि बैठक में जो भी निष्कर्ष उभरेंगे उस पर अगले कुछ दिनों अमल शुरू कर दिया जायेगा। इसके अलावा बैठक में आज पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाने पर मुहर लग सकती है। इसके बाद शाम 4 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे।

मोदी के भाषण को मार्गदर्शन वक्तव्य कहा गया है। बताया जाता है कि पहले दिन यानी सोमवार को सबसे ज्यादा चर्चा गुजरात में पार्टी की जीत के फॉर्मूले की रही। इसी मॉडल को कर्नाटक में आगे बढ़ाया जाएगा। कर्नाटक में मई तक चुनाव होना है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की वापसी के आसार बन रहे हैं।

मोदी ने कार्यकारिणी बैठक से अलग येदियुरप्पा से 15 मिनट मुलाकात की है। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आ रहे हैं, पार्टी में येदियुरप्पा की अहमियत बढ़ रही है। वे पार्टी के संसदीय बोर्ड में भी हैं। लिंगायत समुदाय का सपोर्ट उनके साथ है। कर्नाटक में पार्टी फिर येदियुरप्पा को चेहरा बना सकती है। दूसरी ओर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई महाराष्ट्र के साथ सीमा विवाद से उलझ गए हैं। सूत्र बता रहे हैं कि उनकी विदाई हो सकती है।