वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर मारकर जिन कोचों के काचों को चटकाया गया है उनकी मुंबई में भी कमी है। यही वजह है कि ये कांच पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहे हैं। भोपाल रेल मंडल को इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि आर्डर को दिए एक सप्ताह से अधिक का समय हो गया है। अभी भी वंदे भारत एक्सप्रेस के तीन से चार कोचों में चटके दिखाई देने वाले कांच ही लगे हैं। जिसके कारण यात्री बाहर का नजारा ठीक से नहीं देख पा रहे हैं।
हालांकि रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि पूरा प्रयास जल्द कांच बदलने को लेकर कर रहे हैं। कुछ बदल भी दिए हैं ये कांच बहुत कीमती और आसानी से उपलब्ध होने वाले नहीं है इसलिए इंतजार करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में रेलवे ऐसे कोचों की आपूर्ति के लिए एक बड़ी कंपनी से अनुबंध करने जा रही है।
यह है कांच चटकाने का मामला
रानी कमलापति स्टेशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर पत्थर मारे जा रहे हैं। जिसकी वजह से पांच कोच के 30 कांच को नुकसान पहुंचा है। ऐसा ग्वालियर से हजरत निजामुद्दीन के बीच किया जा रहा है। घटना एक सप्ताह पहले की है। रेलवे का कहना है कि ऐसा करने वाले असामाजिक तत्व एक साथ पत्थर मारना शुरू करते हैं। आवाज इतनी तेज आती है कि यात्री नींद में हो तो जाग जाते हैं।
रेलवे के अधिकारियों का दावा है कि वंदे भारत एक्सप्रेस में लगे कांच मजबूत होते हैं। ये पत्थरों की मार से बिल्कुल नहीं टूटेंगे। इनमें खरोंच आती है। पत्थर की मार पड़ने पर ऐसे दिखते हैं जैसे इनमें दरारें आ गई हों। अधिकारियों का कहना है कि ट्रैक के किनारे असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है, जो ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की मंशा से पत्थर मारते हैं। इन असामाजिक तत्वों को खोजने के लिए आरपीएफ व जीआरपी को सूचित किया है।