मध्यप्रदेश में अब मंदिरों की गतिविधियों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं रहेगा। जितनी जमीन मंदिरों के नाम है, उनको कलेक्टर नीलाम नहीं करेंगे, बल्कि उनको पुजारी ही नीलाम कर सकेंगे। साथ ही भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव में विशाल लोक 'परशुराम धाम' का निर्माण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह ऐलान भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर भोपाल के गुफा मंदिर प्रांगण में आयोजित 'अक्षयोत्सव 2023' में किया। सीएम शिवराज ने इस मौके पर कहा कि भगवान परशुराम जी को न्याय के देवता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने आततायियों का नाश करने के लिए फरसा उठाया था। उनकी प्रेरणा से मध्यप्रदेश की धरती पर गुंडे, बदमाश, नक्सलियों की खैर नहीं है। प्रदेश सरकार पूरी ताकत के साथ अभियान चला रही है। https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/1649697911935213568?s=20

सीएम शिवराज ने अपने सम्बोधन में बताया कि सरकारी स्कूलों में 3,547 संस्कृत शिक्षकों की नियुक्त कर दी गई है। प्रदेश के मंदिरों के पुजारियों को प्रति माह ₹5 हजार भत्ता और संस्कृत पढ़ने वाले कर्मकांडी बच्चों को स्कॉलरशिप देनी की पहल की गई है। गुफा मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशाल भवन बनेगा।  

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर मौजूद बागेश्वर धाम के स्वामी धीरेंद्र महाराज का आशीर्वाद भी लिया। कार्यक्रम में सांसद विष्णु दत्त शर्मा ,चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल के पूर्व महापौर आलोक शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 

इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने इसके पूर्व लालघाटी चौराहा स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचकर अक्षय तृतीया पर पूजा अर्चना की। दुर्गा मंदिर से गुफा मंदिर परिसर तक शोभायात्रा भी निकाली गई जिसमें नागरिकों ने पुष्प वर्षा की।