भोपाल: अब ग्वालियर व्यापार मेला क्षेत्र के भीतर कोई अप्राधिकृत निर्माण, मेला क्षेत्र के भीतर अप्राधिकृत रुप से किसी स्थान को शौचालय, मूत्रालय या कूड़ा-करकट जमा करने के रुप में उपयोग करना, मेला प्राधिकरण से लायसेंस प्राप्त किये बगैर मेला क्षेत्र के भीतर कोई वृत्ति, व्यापार या आजीविका करना या लायसेंस की शर्तों को भंग करना अब अपराध नहीं होगा बल्कि सिर्फ जुर्माने का भागी होगा।
यह नया प्रावधान राज्य सरकार ने लागू कर दिया है। दरअसल सत्रह साल पहले बने ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण अधिनियम 1996 में संशोधन करने के लिये राज्य सरकार ने पिछले विधानसभा सत्र में विधेयक पारित किया था जिसे अब राज्यपाल ने मंजूरी प्रदान कर दी है जिससे यह एक संशोधित कानून के रुप में लागू हो गया है।
दरअसल पहले प्रावधान था कि उक्त गड़बडिय़ां करने पर व्यक्ति की दोषसिध्दि पर ऐसे जुर्माने से जां पांच हजार रुपये तक का हो सकेगा और जहां अपराध जारी रहने वाला हो, या निरन्तर हो, वहां ऐसे और जुर्माने से, जो प्रथम दोषसिध्दि की तारीख से ऐसे प्रत्येक दिन के लिये, जिसके दौरान अपराधी का ऐसे अपराध में लगे रहना साबित होता हो, एक सौ रुपये तक हो सकेगा, दण्डनीय होगा।
चूंकि पहले के प्रावधान में दोषसिध्दि न्यायालय से करने का उपबंध था और इसे अपराध माना गया था, इसलिये संशोधित कानून के तहत अपराध शब्द को हटा दिया गया है। अब सिर्फ जुर्माने का प्रावधान रहेगा जिसकी राशि पूर्ववत रखी गई है। यह जुर्माना अब प्राधिकरण सीधे लगा सकेगा।