प्रकृति का शोषण नहीं करें, दोहन करें। अगर शोषण करते रहे तो आने वाली पीढ़ी का जीवन संकट में आ जाएगा। पर्यावरण संतुलन बिगड़ने का ही असर है कि बिन मौसम बरसात हो रही है। पौधों के साथ नदियों का बचाव भी पर्यावरण संरक्षण के लिए जरूरी है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये बातें कहीं। वे पर्यावरण दिवस पर राजधानी के रविन्द्र भवन में सोमवार को मिशन लाइफ का शुभारंभ कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संयुक्त राष्ट्र में आह्वान पर पर्यावरण के लिए जीवन शैली को लेकर मिशन लाइफ की शुरुआत की गई है। 

इस मौके पर सीएम शिवराज ने कहा कि शादी की वर्षगांठ पर जरूर पौधे लगाएं, इससे प्रेम और बढ़ेगा। इसके अलावा अन्य खुशी के अवसरों पर भी पौधे लगाना न भूलें। 

मिशन लाइफ की 7 थीम

केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा मिशन लाइफ की 7 थीम तय की गई है। इसमें सिंगल यूज प्लास्टिक को कम करना, ऊर्जा संरक्षण, पानी बचाओ, शाश्वत खाद्य प्राणाली को अपनाना, कचरे को कम करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और ई-कचरे को कम करना लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में 1 लाख के अधिक मिशन लाइफ में 75 तरह के कार्यक्रम किए जा चुके हैं। गाय के गोबर और गोमूत्र आदि अपशिष्ट से आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आत्म-निर्भर गो-शाला विषय पर वेस्ट-टू-वेल्थ हेकाथान का आयोजन किया जा चुका है जिसमें प्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और गुजरात के प्रतिभागियों द्वारा 54 सुझाव प्रस्तुत किए गए हैं। दो सर्वश्रेष्ठ सुझावों पर कार्यक्रम में पुरस्कार दिया गया। 

7 स्मार्ट शहरों की कार्ययोजना का विमोचन

केन्द्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्रालय द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन में क्लाइमेंट स्मार्ट सिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क शुरू किया गया है। इसमें पर्यावरण विभाग द्वारा एप्को और डब्लूआरआई के तकनीकी सहयोग से मध्यप्रदेश के 7 स्मार्ट शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और सागर के महत्वपूर्ण क्लाइमेंट एक्शन प्लान तैयार किए गए हैं जो देश में इन शहरों को बेहतर रैंक प्राप्त करने में मददगार होंगे।