दो दिवसीयआईपीएस मीट का शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। भोपाल के मिंटो हॉल में आईपीएस मीट के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना समेत अन्य आईपीएस मौजूद रहे।

आईपीएस मीट के उद्घाटन समारोह पर बोलते हुए सीएम सिवराज सिंह चौहान ने MP पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि, देशभक्ति और जनसेवा के भाव का अक्षरश: साल भर क्रियान्वयन होते मैंने देखा है। कोविड-19 के दौरान अपनी जान हथेली पर रखकर और सर पर कफन बांध कर चौराहे पर हमारे पुलिस के जवान व अधिकारी खड़े रहे।

सीएम शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का गौरवशाली इतिहास रहा है। पंजाब, नॉर्थ ईस्ट, कश्मीर हो, जहां भी आवश्यकता पड़ी, आप गये और शानदार सफलता प्राप्त कर देश की एकता, अखण्डता को बनाये रखने में अपना योगदान दिया। जरूरत पड़ने पर हमारे जवानों व अफसरों ने जिस तरह से अपने कर्तव्यों का पालन किया, वह हमें गर्व से भर देता है। मुझे प्रसन्नता होती है कि पुलिसिंग के मामले में पूरे देश में हमारी पुलिस का अलग नाम और शान है।  

सीएम ने आगे कहा मैं जब नया-नया मुख्यमंत्री बना था, तो उस समय मध्यप्रदेश में डकैतों का आतंक था। मैंने श्री सरबजीत सिंह जी और श्री विजय यादव जी को इनके सफाये की जिम्मेदारी दी। सालभर भी नहीं लगे और डकैतों के गिरोह समाप्त हो गये और फिर पनप भी नहीं पाये। मुझे गर्व है अपनी पुलिस और हॉक फोर्स पर, इन्हें टास्क दिया और तत्काल परिणाम प्राप्त होता है। इनके सीने पर मेडल लगाते हुए मुझे कितना गर्व होता है, यह शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता हूं। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि भूमाफियाओं, गुंडे, बदमाशों से हमने 23 हजार एकड़ जमीनें मुक्त कराई और अब इसे गरीबों में बांट रहे हैं। बुलडोजर पहुंच जाता है, तो कई माफिया तो ऐसे ही आत्मसमर्पण कर देते हैं कि घर मत तोड़ो। आप लीडर हैं और लीडर के नाते अपने फोर्स के आदर्श हैं। इसलिए आपसे एक तरफ जहां आपके कर्तव्यों की पूर्ति, तो वहीं दूसरी ओर अपने जवानों की तकलीफों का संवेदना के साथ ध्यान कैसे रख सकते हैं, इसकी भी अपेक्षा है।

एक मित्र के नाते मैं आपसे कहना चाहता हूं कि कई बार काम की व्यस्तता में आप अपने बच्चों का ध्यान नहीं रख पाते हैं। मैं ऐसे साथियों से आग्रह करना चाहता हूं कि आप बच्चों के लिए समय निकालें, स्नेह दें।

उद्घाटन के मौके पर पुलिस की चुनौतियों और उपलब्धियों पर चर्चा की गई। साथ ही कार्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकारियों के परिजनों के लिए भोपाल के विभिन्न पर्यटन स्थलों जैसे जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय एवं वोट क्लब आदि में भ्रमण करने की व्यवस्था भी की गई।

कोरोना के चलते आईपीएस मीट पिछले कुछ समय से फीका रहा, लेकिन इस साल कार्यक्रम को लेकर काफी तैयारियां की गई हैं। दो दिवसीय इस मिलन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ आईपीएस अधिकारियों के परिजन भोपाल के विभिन्न स्थानों का दौरा करेंगे और लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाएंगे।