भोपाल: राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग को एनआईसी के पोर्टल पर विधिमान्यता प्रदान करने के लिये अपनी दो योजनाओं मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना एवं मुख्यमंत्री जन कल्याण शिक्षा प्रोत्साहन योजना को पुन: नोटिफाई किया है।

पहली योजना में मेधावी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा अर्जित करने हेतु शुल्क का भुगतान किया जाता है जबकि दूसरी योजना में श्रम विभाग में पंजीकृत असंगठित कर्मकारों के पुत्र/पुत्रियों को उच्च शिक्षा अर्जित करने हेतु शुल्क का भुगतान किया जाता है। दोनों योजनाओं में शुल्क का भुगतान संचालनालय तकनीकी शिक्षा द्वारा किया जाता है।

दरअसल तीन साल पहले 4 सितम्बर 2020 को तकनीकी शिक्षा विभाग ने अपनी सभी योजनाओं में आधार नंबर जरुरी किया था।

चूंकि उस समय उक्त दोनों योजनाओं के बारे में स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया था इसलिये शुल्क का भुगतान करने के लिये बने भारकार के एनआईसी के पोर्टल पर इन दोनों योजनाओं को मान्य नहीं किया जा रहा था। इसलिये अब तकनीकी शिक्षा विभाग ने इन दोनों योजनाओं को स्पष्ट रुप से नोटिफाई कर दिया है।