भोपाल: प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में भी हवाई पट्टी बनाने के लिये कवायद की जा रही है तथा वहां के जिला प्रशासन ने मोहनपुरा तहसील के रमपुरा एवं शिवराजपुरा में भूमि चिन्हित कर इसकी सूचना विमानन विभाग को दे दी है।

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री डा. वीरेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर टीकमगढ़ जिले में हवाई पट्टी निर्मित करने की मांग की है। हलांकि विमानन विभाग ने परीक्षण में पाया है कि जिस भूमि को हवाई पट्टी बनाने के लिये चिन्हित किया या है, उसमें अभी काफी अतिक्रमण है। इस अतिक्रमण के हटने पर ही हवाई पट्टी बनाने के लिये स्वीकृति जारी की जा सकेगी।

प्रदेश में हवाई पट्टियों की स्थिति :

प्रदेश में अभी 52 जिलों में से सिर्फ 31 में ही हवाई पट्टियां निर्मित हैं। विमानन विभाग के अनुसार, नीमच, शिवपुरी, दमोह, शहडोल, झाबुआ, पन्ना सकरिया एवं पचमढ़ी में स्थित सात हवाई पट्यिां वर्तमान में अनुपयोगी हैं जबकि सिंगरौली में निजी क्षेत्र के सहयोग से बनाई जा रही हवाई पट्टी निर्माणाधीन है। 

नीमच, रतलाम, खरगौन, शिवपुरी, गुना, सागर ढाना, सीधी, रीवा, छिन्दवाड़ा, उज्जैन दताना, झाबुआ, बिरवा बालाघाट, पचमढ़ी, उमरिया, सिवनी, मण्डला, दतिया तथा मंदसौर की कुल 18 हवाई पट्टियां लोक निर्माण विभाग के आधिपत्य में हैं। इंदौर, भोपाल, खजुराहो, जबलपुर, सतना एवं खण्डवा की छह हवाई पट्यिां राष्ट्रीय विमान पत्तन प्राधिकरण के आधिपत्य में हैं तथा हाल ही में रीवा हवाई पट्टी भी प्राधिकरण को सौंप दी गई है।

खण्डवा एवं सतना की हवाई पट्टी भी प्राधिकरण से वापस लेने की कार्यवाही की जा रही है। निजी स्वामित्व की टेकनपुर हवाई पट्टी सीमा सुरक्षा बल के, दमोह की हवाई पट्टी डायमंड सीमेंट के, शहडोल की हवाई पट्टी ओरियंटल पेपर मिल तथा नागदा की हवाई पट्टी ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज लिमिटेड के आधिपत्य में है जबकि पन्ना सकरिया की हवाई पट्टी पर्यटन निगम के अधिपत्य में है।