मध्यप्रदेश में मंगलवार को शिवराज कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि कोई भ्रम की स्थिति ना रहे सीएम शिवराज ने कहा है कि पंचायतों में भूमि हस्तांतरण कर नहीं वसूला जाएगा। किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा और अगर इस तरह का कोई आदेश निकला भी है तो उसे वापस लिया जाएगा।
गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मा.मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। भोपाल के आसपास की पंचायतों में जमीन के हस्तांतरण पर किसी तरह का टैक्स लगने का मामला सामने आ रहा था, यह भ्रम दूर हो गया है।
गृह मंत्री ने कहा कि बुधवार को सुबह 10 बजे कैबिनेट की विशेष बैठक होगी। जिसमें कल युवाओं के लिए बन रही योजनाओं पर विचार कर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में लाड़ली बहना योजना के बजट को भी मंजूरी दी गई। इस योजना में 1 करोड़ 33 लाख 25 हजार से अधिक महिलाओं को नामांकित किया गया है। महिलाओं के खाते में 1 महीने में 1250 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे।
बालू खनन नीति में संशोधन को मंजूरी
मध्यप्रदेश की रेत खनन नीति में आंशिक संशोधन किया गया है। ई-टेंडर एवं सह नीलामी का प्रावधान किया गया है। यदि खनन अनुबंध अनुबंध की तिथि से 3 वर्ष के बाद समाप्त होता है, तो इसे 2 वर्ष के लिए बढ़ाया जाना संभव होगा। जुलाई, अगस्त और सितंबर में भारी बारिश के कारण ठेके की किश्त का संकट खड़ा हो गया था। अब इसे 3-4 महीने में बांटने के लिए संशोधित किया गया है।
254 स्थानों पर खाद का अग्रिम भण्डारण होगा
उर्वरक संकट से उबरने के लिए सरकार अग्रिम खाद खरीदकर राज्य में उसका भंडारण करेगी। राज्य में अग्रिम भंडारण की व्यवस्था कर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को राज्य के नोडल एजेंसी घोषित किया गया है।
254 केन्द्र स्थापित कर खाद का अग्रिम भण्डारण किया जायेगा, जिससे किसान को 15-20 किमी का चक्कर नहीं लगाना पड़े। 254 10.80 लाख टन उर्वरक का अग्रिम भण्डारण एक फरवरी से 31 मई तक किया जा सकता है।
सहकारी समितियों को हाई स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत भारत नेट परियोजना के तहत सहकारिता विभाग के 4534 पैक्स मुख्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर ऑप्टिकल फाइबर आधारित इंटरनेट उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य और केंद्र के हिस्से को मिलाकर 145 करोड़ रुपये देने की सहमति दी है।