मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से खुश खबरी आई है। कुनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाई गई मादा चीता की मौत के दो दिन बाद सियाया नाम की मादा चीते ने चार शावकों को जन्म दिया है। भारत में ये चीते की पहली संतानें हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नन्हें मेहमानों के आने को अप्रतिम आनंद का क्षण बताया है। 

कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश वर्मा ने बताया कि सियाया  नाम की मादा चीता ने 4 शावकों को जन्म दिया है। चारों शावक व मां पूरी तरह स्वस्थ है।
दो दिन पहले कूनो से मादा चीता 'साशा' की मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया लेकिन इन चार नन्हें मेहमानों के आने से कूनो एक बार फिर खुशियों से भर गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस मौके पर ट्वीट कर कहा कि नन्हें मेहमानों के आने का अप्रतिम आनंद ...यह हमारे लिए अत्यंत आनंददायी है कि कूनो में चीता परिवार बढ़ रहा है। वन विभाग, कूनो नेशनल पार्क, स्थानीय प्रशासन के सफल प्रबंधन से सुखद परिणाम मिले हैं। मैं वन विभाग की पूरी टीम को बधाई देता हूं, जिनकी देख रेख में भारत में चीता प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।

वहीं चार शावकों के जन्म पर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट किया 'अमरता के दौरान हमारे वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना! मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 17 सितंबर 2022 को भारत लाए गए चीतों में से एक से चार शावकों का जन्म हुआ है।

बता दें कि मादा चीता का गर्भकाल 90 से 95 दिनों का होता है। वह एक बार में तीन से पांच बच्चों को जन्म दे सकती है। जानकारी के अनुसार जन्म के समय शावक का औसत वजन 150 से 300 ग्राम के बीच होता है और वह जन्म के बाद पूरी तरह से अपनी मां पर निर्भर होता है। हालांकि, वे तेजी से विकसित होते हैं और दस दिनों के भीतर अपनी आंखें खोलते हैं। जब तक वे लगभग तीन सप्ताह के हो जाते हैं, तब तक उनके दांत और मसूड़े निकल आते हैं। इस प्रकार वे तेजी से विकसित होते हैं। अब कूनो नेशनल पार्क में तेंदुए के इन चार शावकों के आने से खुशी की लहर है।