‘राजनीति’ में बुलडोजर की एंट्री जरूर यूपी से हुई हों लेकिन अब एमपी की सियासत में भी यही मॉडल काफी सुर्खियां बटोर रहा है। अब आप मिशन-2023 को ही ले लीजिये। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी पूरे 10 महीने बाकी हैं लेकिन एक बयान ने ना सिर्फ 2023 का सियासी समीकरण जोड़ने का प्रयास किया बल्क़ि 15 महीने की कमलनाथ सरकार की यादों को भी ताज़ा कर दिया।

यादें इसलिए भी ताज़ा हुई क्योंकि बयान देने वाले नेता कमलनाथ सरकार को गिराने ओर शिवराज की दोबारा सरकार बनाने में शामिल थे। 

अब यही नेता जी फिर से कांग्रेस संगठन में बड़ी सेंध लगाकर उसे कमजोर करने की फ़िराक में नजर आ रहे हैं। ये नेताजी हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया के ख़ास समर्थक और शिवराज सरकार के कैबिनेट मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया..! 

मंत्री सिसोदिया इन दिनों पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के गृहक्षेत्र राघोगढ़ नगरपालिका चुनाव प्रचार में पूरा जोर लगा रहे हैं। मंत्री जी ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन रुठियाई में एक आमसभा को संबोधित करते हुए जो कहा वो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल है। 

दरअसल, मंत्री सिसोदिया ने चुनाव प्रचार के दौरान बुलडोज़र का जिक्र करते हुए दो टूक कहा कि जो भी कांग्रेसी लोग हो, वो धीरे-धीरे करके चुपचाप सरक आओ, नहीं तो 2023 में भी भाजपा की सरकार बन रही है। फिर देख लेना.. मामा का बुलडोजर तैयार खड़ा ही है।

सवाल यह है कि क्या मंत्री जी के ये बोल खुलेआम एक धमकी की तरह नहीं हैं? और कहने वाले तो ये भी कह रहे हैं कि मंत्री जी ने भी क्या बुलडोजर के खौफ से ही दलबदल किया था?

वहीं मंत्री के इस बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। नेता प्रतिपक्ष गोविन्द सिंह ने भी साफ़ कह डाला कि वे भाजपा की धमकी से डरने वाले नहीं हैं। गोविंद सिंह ने यह तक कहा कि मंत्री सिसोदिया सत्ता के मद में चूर हैं। 

कुल मिलाकर MP की सियासत में यह बुलडोजर इतनी आसानी से रुकने वाला नहीं। मामले की शिकायत चुनाव आयोग में की जा सकती है। देखना यह होगा कि साल के अंत में प्रदेश की जनता का वोट रूपी बुलडोज़र किस के अरमानों को ध्वस्त करता है?