मंगलवार, 11 जुलाई से मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरु हो रहा है। यह 15वीं विधानसभा का आखिरी सत्र होगा। विधानसभा का यह सत्र 15 जुलाई तक चलेगा। इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा।
सत्र शुरु होने से पहले विधानसभा अध्यक्षके कक्ष में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक हुई, बैठक में CM शिवराज, पूर्व CM कमलनाथ, संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्राऔर नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंहभी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सदन की कार्रवाही शुरु होते ही विपक्ष ने हंगामा करना भी शुरु कर दिया है। रैगांव से कांग्रेस विधायक कल्पना वर्मा मिर्च-टमाटर की माला पहनकर विधानसभा पहुंची, तो वहीं आदिवासी अत्याचार पर सदन में विपक्ष के हंगामे के बाद कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया है।
सदन में आज जमकर हंगामा होने की उम्मीद। कमलनाथ और डॉक्टर गोविंद सिंह बना रहे विधायकों के साथ सदन में सत्ताधारी दल को घेरने की रणनीति तैयार की है।
इसी के चलते सरकार को घेरने के लिए सोमवार शाम 6 बजे पीसीसी चीफ कमल नाथ के बंगले पर विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक में शामिल होने के लिए नेता प्रतिपक्ष की ओर से सभी विधायकों को पत्र भेजा गया था।
बैठक में तकनीकी टीम के सदस्य विधायकों को बूथ प्रबंधन का प्रशिक्षण जिसमें बूथ लेवल एजेंटों को बूथ प्रबंधन और चुनाव रणनीति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। तकनीकी टीम ने विधायकों के बीच प्रेजेंटेशन के जरिये चुनाव प्रबंधन की बारीकियां समझाईं।
सीधी में पेशाब कांड के बाद इंदौर, ग्वालियर और सागर में भी आदिवासियों और दलितों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं विदिशा में बीजेपी नेताओं से तंग आकर पिता-पुत्री आत्महत्या मामले को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।
वहीं, विपक्षी विधायक मानसून सत्र के दौरान महाकाल लोक में मूर्तियां टूटने और सतपुड़ा भवन में आग लगने की घटना पर सरकार को घेरेंगे। ऐसे तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति विपक्ष ने तैयार की है।
विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने भी सोमवार शाम 7:30 बजे सर्वदलीय बैठक भी बुलाई। संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने विधानसभा के सम्मेलन कक्ष में विपक्षी विधायकों के साथ मानसून सत्र के प्रबंधन पर चर्चा की।
मानसून सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। अनुपूरक बजट करीब 25 हजार करोड़ रुपये का हो सकता है। जिसमें स्कूल टॉपर्स को स्कूटी देना, लाडली बहना योजना समेत तमाम योजनाओं के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा।