जिला मुख्यालय के करीब लेपा गांव में एक दिन पहले हुए नरसंहार ने सबको दहला रखा है। नरसंहार के दूसरे दिन परिजनों ने शवों के अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। परिजनों की मांग है कि आरोपियों के घर तोड़े जाए, उन्हें लाइसेंसी बंदूक दी जाए। साथ ही पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए। इन मांगों को लेकर परिजन अंतिम संस्कार नहीं कर रहे है।
यहां 10 साल पुराने विवाद के चलते एक ही परिवार 6 लोगों की हत्या कर दी गई। इस गोलीकांड के बाद से ही भारी पुलिस बल गांव में पहुंचा हुआ है। आज दूसरे दिन भी गांव की गली- गली में रिजर्व फोर्स का बल तैनात है। पुलिस एक दिन पहले यानी शुक्रवार की शाम को शवों के पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लेकर पहुंच चुकी थी। लेकिन परिजनों ने शव लेने से मना कर दिया।
इसके बाद पुलिस ने शवों को एंबुलेंस में रखकर गांव की स्कूल ही रात गुजारी। इस दौरान पुलिस ने परिजनों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन परिजन नहीं माने। इसके बाद पुलिस के आला अधिकारी वापस मुरैना लौट गए और सुबह होते ही वापस मोर्चा संभाला। पुलिस दोबारा से परिजनों को मनाने का प्रयास कर रही है, लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए है।