भोपाल: राज्य सरकार के गृह विभाग ने केंद्र सरकार के नये कानून दण्ड प्रक्रिया शिनाख्त एक्ट 2022 के तहत राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल को अपने क्षेत्राधिकार में मापमानों को संग्रहण करने, परीक्षण करने और संरक्षित तथा साझा करने के लिये राज्य नोडल अभिकरण के रुप में अधिसूचित किया है।

इससे अब मप्र पुलिस गिरफ्तार व्यक्ति की रेटिना से लेकर डीएनए तक का डेटा 75 साल तक रिकार्ड में रख सकेगी।दरअसल उक्त कानून 120 साल पुराने अपराधियों के पहचान कानून 1920 को रिप्लेस कर बनाया गया है।

इस नए अधिनियम के मुताबिक सरकार आदतन अपराधियों, गिरफ्तार आरोपियों और मुजरिमों के बारे में पहले से ज्यादा जानकारी या डेटा जुटा पाएगी।

यह कानून पुलिस और जेल अधिकारियों को यह अनुमति देता कि वह गिरफ्तार किए गए लोग, हिरासत में लिए गए आरोपी और अपराधियों के रेटिना, आईरिस स्कैन के बायोलॉजिकल सैंपल का संग्रह कर उसका विश्लेषण करे।

इसके पहले 1920 वाले कानून में मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट, और तस्वीरें ही लेने का प्रावधान था।