मध्यप्रदेश की पहली वंदे भारत अपने सुहाने सफर के लिए तैयार है। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के बीच चलने वाली इस अत्यधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल पहुंच चुके हैं।
यह देश की 11वीं वंदे भारत एक्सप्रेस होगी। स्वदेशी स्तर पर वंदे भारत एक्सप्रेस को डिजाइन किया गया है, जो उत्कृष्ट यात्रा सुविधाओं से लैस हैं। इस रेलगाड़ी से सभी यात्रियों को तेज, आरामदेह और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव होगा। साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।
इमरजेंसी में ऐसे खोले सकेंगे दरवाजे
■ ट्रेन के पूरी तरह ठहरने तक प्रतीक्षा करें।
■ फिर लाल पैनल के कांच को तोड़ें और लाल हैंडल को तीर के निशान की ओर घुमाएं। ■ दरवाजे में दिए हैंडल स्लाट का उपयोग करके दरवाजे को एक ओर खिसकाएं।
■ यह तय करें कि बगल के ट्रैक पर कोई ट्रेन नहीं आ रही है।
■ उचित कारण के बिना दरवाजा खोलने की इस प्रक्रिया को अमल में लाया गया तो 1000 रुपये जुर्माना चुकाना होगा। छह माह की कैद भी हो सकती है।
ड्राइवर से बात करने के उपाए
■ प्रत्येक कोच के अंदर व प्रत्येक मुख्य गेट पर आपातकालीन टाक बैक यूनिट है। उसमें पुश बटन है, जिसे तब तक दबाते रहे जब तक कि एलईडी की ब्लिंकिंग बंद होकर लाल रंग में न बदल जाए।
■ इसके बाद एलईडी का रंग हरा होने तक प्रतीक्षा करें, हरा रंग यह सूचित करता है कि ट्रेन ऑपरेटर व ड्राइवर आपसे बात करने के लिए तैयार हैं।
■ माइक्रोफोन पर बात करें, ट्रेन आपरेटर ड्राइवर द्वारा दी जाने वाली सलाह का पालन करें।
यह है ट्रेन की खासियत
■ ट्रेन के प्लेटफार्म पर खड़ी होने पर दरवाजे स्वतः खुल जाएंगे। यदि बंद रहते हैं तो गेट के सामने जाकर खड़े हो जाएं, दरवाजे स्वतः खुल जाएंगे।
■ जब ट्रेन किसी स्टेशन पर ठहरेंगी, तब भी दरवाजे स्वत- खुलेंगे। परेशान होने की जरुरत नहीं होगी।
■ कोच के अंदर भी एक से दूसरे कोच में जाने के लिए जिन दरवाजों से सामना होगा, वे भी स्वचलित होंगे।
■ शौचालय में अग्निशामक रखे हैं जिनका उपयोग आग लगने की स्थिति में किया जा सकेगा।
■ कोच में फोल्डिंग टेबल दी गई है जिसका उपयोग यात्री अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेंगे।
■ कोच में दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष हैंडल लगाकर उन पर ब्रेल लिपि में बर्थ संख्या का उल्लेख किया है। ताकि आसानी से दिव्यांगजन अपनी बर्थ तक पहुंच सकें।
■ एग्जीक्यूटिव श्रेणी के कोच की चेयरकार बर्थ, जिन्हें यात्री आसानी से 180 डिग्री एंगल पर सुविधा अनुरूप घुमा कर बैठ सकेंगे।