भोपाल: राज्य के लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंताओं एवं अधीक्षण यंत्रियों तथा राज्य सडक़ विकास निगम के एमडी को मार्गों के निर्माण की गुणवत्ता परखने हेतु निरीक्षण करने के नये दिशा-निर्देश जारी किये हैं।

इन दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि इस निरीक्षण से उत्तम गुणवत्ता सुनिश्चित होगी तथा इसका लाभ ठेकेदार को भी मिलेगा। इस निरीक्षण से ठेकेदार को किसी अतिरिक्त भुगतान की पात्रता नहीं होगी। दिशा-निर्देशों में सिंगल लेन, इंटरमीडिएट लेन या टु लेन में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों की मात्रा बताई गई है।

प्रमुख सचिव ने कहा है कि निरीक्षण में लिये गये सेम्पलों में से दस प्रतिशत का परीक्षण विभागीय प्रयोगशालाओं में तथा दस प्रतिशत सेम्पलों का परीक्षण एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य प्रयोगशालाओं में कराया जाये। दिशा-निर्देश में सब ग्रेड, शोल्डर, क्रश्ड रम मेकाडम, वेट मिक्स मेकाडम, डेंस बिटुमन मेकाडम, बिटुमन कांक्रीट, ओपन ग्रेडेड प्रीमिक्स कारपेटिंग एण्ड सील कोट, डाय नील कांक्रीट तथा पेवमेंट क्वालिटी कांक्रीट के स्टेंडर्ड बताये गये हैं।

स्वयं पीएस ने किया निरीक्षण, पाई कमियां :

लोनिवि के प्रमुख सचिव सुखवीर सिंह ने पिछले दिनों सागर एवं ग्वालियर संभाग का भ्रमण किया तथा 40 से अधिक सडक़ एवं भवन निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्होंने कई अच्छे कार्य भी पाये तथा कई कार्यों में गुणवत्ता की कमी भी पाई। उन्होंने इसकी रिपोट्र तैयार की अधीनस्थ अधिकारियों को भेजी है।