मप्र की शिवराज सिंह सरकार ने चुनाव के आठ महीने पहले अपने बजट में हर वर्ग को लुभाने में ताकत झोंक दी है। सरकार ने नया कर नहीं लगाने का फैसला किया है और युवाओं को नौकरी, छात्राओं को ई-स्कूटी समेत सामाजिक क्षेत्र में लाड़ली बहना योजना समेत अनेक मदों में प्रावधान कर डाले हैं। शिवराज सरकार का यह बजट करीब 3.20 लाख करोड़ का है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इसे पेश किया। खास बात यह है कि मप्र में पहली बार ई-बजट पेपरलेस) आया है।
विपक्ष के हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने इसे टैबलेट पर पड़ा। उन्होंने मंत्रों से महाकाल का आह्वान किया व चाणक्य का सूत्र पढ़ा। मंत्रियों और विधायकों को भी टैबलेट दिए गए हैं, जिसमें भाषण और पूरा बजट है। यह शिवराज सरकार के चौथे कार्यकाल का अंतिम बजट है। वहीं बजट सत्र से पहले कांग्रेस विधायक गैस सिलेंडर लेकर पहुंचे। वे आज गैस के दाम बढ़ने का विरोध करते हुए नारेबाजी करने लगे। इससे पहले सुबह 9.30 बजे विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में कैबिनेट बैठक हुई। इसमें बजट भाषण को मंजूरी मिली।
कांग्रेस की टोकाटोकी के बीच पढ़ा बजट
विधानसभा में वर्ष 2023 24 के वार्षिक बजट पेश करने के दौरान मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का मामला उठाते हुए हंगामा किया और बहिर्गमन किया। कांग्रेस सदस्यों ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम लोग परेशान हैं। बहिर्गमन के बाद कांग्रेस सदस्य जब वापस सदन में आए, तो महंगाई और विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार टोकाटाकी कर रहे थे. आखिरकार मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से शांत रहकर बजट भाषण सुनने का अनुरोध किया।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसके बाद कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है। रसोई गैस सिलेंडर की कीमत फिर बढ़ा दी गई। एक तरफ आप लोग (सरकार) लाड़ली बहना और इस तरह की अन्य योजनाओं की बात करते हैं, तो दूसरी तरफ सिलेंडर की कीमत बढ़ रही है। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा यह कहते हुए सुने गए कि गैस सिलेंडर की कीमत इस सरकार ने नहीं बढ़ायी है। इस घटनाक्रम के बाद वित्त मंत्री बजट भाषण पढ़ते रहे और विपक्षी सदस्यों की टोकाटाकी बीच बीच में चलती रही।
23 साल में 20 गुना बढ़ा बजट
प्रदेश में पिछले 23 साल में बजट में 20 गुना वृद्धि हुई है। 2000 में मध्यप्रदेश सरकार ने 16 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया था। 2022 में सरकार ने 2.79 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इस बार के बजट में शिवराज सरकार प्रदेश की जनता पर कोई आर्थिक बोझ नहीं डालेगी, न ही कोई नया सेस लगाएगी। डेवलपर के साथ जमीन के अनुबंध पर लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी को 2.5 प्रतिशत से घटाकर एक से 1.5 प्रतिशत किया जा सकता है। सरकार बजट में कुछ ऐसे प्रावधान करने जा रही है, जिसका फायदा बड़े वर्ग को होगा। कुल मिलाकर बजट इस तरह से डिजाइन किया गया है, जिसमें हर वर्ग को खुश करने की कोशिश है।
लाड़ली बहना योजना पर थपथपाई मेज
देवड़ा ने जब भाषण में राज्य की इन दिनों की चर्चित मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का जिक्र किया तो सत्तारूढ़ दल भाजपा के सदस्यों ने मेज थपथपाकर अपनी प्रसन्नता जताई। वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह एक हजार रुपए अंतरित किए जाएंगे। इसके लिए बजट में आठ हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने महिलाओं एवं बालिकाओं के कल्याण संबंधी विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया व कहा कि इनके लिए एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का प्रावधान किया है। बजट में इंदौर और भोपाल में मेट्रो रेल के लिए 710 करोड़ रु. सलकनपुर में श्रीदेवी महालोक, सागर में संत रविदास स्मारक, ओरछा में रामराजा लोक, चित्रकूट में दिव्य वनवासी राम लोक को विकसित होगा।
इसके लिए 358 करोड़ रु.। नगरीय निकायों को 842 करोड़ रु., नगरीय विकास के लिए 14 हजार 82 करोड़ रु, स्थानीय निकायों को 3 हजार 83 करोड़ | भोपाल में संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क। इसमें हर साल 6 हजार लोगों को ट्रेनिंग। ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा में भी स्किल सेंटर शुरू किए जाएंगे।
बजट में यह खास
■ नारी कल्याण के लिए 1.2 लाख 976 करोड़ रुपए, लाड़ली बहना योजना के लिए 8 हजार करोड़ रुपए मंजूर
■ नारी सशक्त तो प्रदेश सशक्त की थीम पर लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 929 करोड़ रु., महिला स्व सहायता समूहों के लिए 660 करोड़
■ देवड़ा ने कहा, युवाओं को स्वावलंबी बनाने एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएंगी।
■ 900 सीएम राइज स्कूल खोलने और 1700 नए शिक्षक की भर्ती, मप्र मिलेट मिशन के लिए 1000 करोड़
■ सड़क के लिए 10182 करोड़ व सिंचाई परियोजना 11500 करोड़
■ देश के सकल घरेलू उत्पाद में प्रदेश | का योगदान 3.6 प्रतिशत से बढ़कर अब 4.8 प्रतिशत।
■ खेल विभाग का बजट बढ़ाया। खेलों के विकास के लिए 729 करोड़
■ आहार योजना अनुदान के लिए 300 करोड़ रुपए।