मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों से पासआउट छात्र-छात्राओं को MBBS और BDS में दाखिले के लिए 5% सीटें रिजर्व की जाएंगी। तकनीकी शिक्षा विभाग ने गुरुवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं।

इसी सत्र से यह व्यवस्था लागू होगी। निजी और सरकारी दोनों तरह के कालेजों में सरकारी सरकारी स्कूलों से पासआउट छात्र-छात्राओं को आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो महीने पहले इसकी घोषणा की थी। 

प्रदेश के वे विद्यार्थी जिन्होंने 6वीं से 12वीं कक्षा तक शासकीय विद्यालयों में नियमित अध्ययन कर परीक्षा उत्तीर्ण की हो। वह भी पात्र होंगे जिन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अंतर्गत कक्षा एक से आठ तक निजी विद्यालय में पढ़ने के बाद कक्षा नौ से 12 तक शासकीय स्कूल में अध्ययन किया हो।