भोपाल: मुख्यमंत्री कन्या/निकाह योजना में वधू को दी जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच के बाद ही उसके प्रदायक विक्रेता को भुगतान किया जायेगा। यह नया निर्देश राज्य के सामाजिक न्याय आयुक्त डॉ. ई रमेश कुमार ने सभी जिला कलेक्टरों को जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि उक्त योजना में वधू को राज्य सरकार 55 हजार रुपये स्वीकृत करती है जिसमें से 11 हजार रुपये का अकाउण्ट पेयी चेक वधू के नाम से दिया जाता है और 38 हजार रुपये की सामग्री वधू को प्रदान की जाती है और शेष 6 हजार रुपये सामूहिक विवाह का आयोजन करने वाले निकाय को दिया जाता है। 

38 हजार रुपये की सामग्री में एलपीजी गैस मय चूल्हे के, कलटर टीवी, रेडियो, स्टील की अलमारी, छह फाईबर कुर्सियां, लोहे की निवाड़ वाला पलंग, रजाई-गद्दे-तकिये-दो चादर, चांदी के पायल-बिछिया-माथा टीका-बेंदा-मंगलसूत्र, पैर वाली सिलाई मशीन, टेबल फेन, दीवार घड़ी, लकड़ी या फाईबर की डायनिंग टेबल, स्टील के 51 बर्तन, प्रेशर कूकर, वधू के वस्त्र जिसमें साड़ी-ब्लाउज-पेटीकोट- चूडिय़ां-श्रृंगार की सामग्री शामिल है। 

योजना के प्रावधानों के अनुसार सामूहिक विवाह समारोह आयोजन हेतु गठित स्थानीय समितियों से इन सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच कराना होगी तथा जांच के बाद ही इन सामग्रियों का प्रदाय करने वाले विक्रेता को भुगतान किया जायेगा।

सीएसआर से राशि लें :

आयुक्त ने जिला कलेक्टरों से यह भी निर्देश दिया है कि वे दिव्यांगजनों को मोटराईज्ड ट्राईसायकल वितरण में कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत उद्योगों से मिलने वाली राशि का भी उपयोग करें तथा मई 2023 तक इनका वितरण करें।