भोपाल: राज्य के विमानन संचालनालय के चार अफसरों के मामले जांच अधिकारी न मिलने से लटक गये हैं। इनमें वे दो पायलट भी शामिल हैं जिनसे दो साल पहले 6 मई 2021 को ग्वालियर में नया स्टेट प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

दरअसल विमानन संचालनालय में वर्ष 2019 में एक अनिवार्य सेवानिवृत्त चीफ इंजीनियर संजय सुराना, इंजीनियर मधुकांत, सीनियर पायलट कैप्टन सैयद माजिद अख्तर एवं जूनियर पायलट शिव जायसवाल के विरुध्द विभागीय जांच संस्थित है। ये दो पायलट वे हैं जिनसे ग्वालियर में स्टेट प्लेन दुर्घटनाग्रस्त हुआ था तथा सीनियर पायलट केप्टन अख्तर इस मामले में अभी भी निलम्बित चल रहे हैं। इस जांच के लिये पहले रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सतीश मिश्रा को नियुक्त किया गया था परन्तु कुछ ही दिनों में उन्होंने बिना जांच किये पद छोड़ दिया।

इन विभागीय जांचों के लिये विमानन विभाग ने पुन: जांच अधिकारियों का पैनल बनाकर सामान्य प्रशासन विभाग को स्वीकृति हेतु भेजा है लेकिन पिछले ढाई माह से सामान्य प्रशासन विभाग ने इस पैनल में से एक अधिकारी की नियुक्ति हेतु सहमति ही नहीं दी है। विमानन विभाग ने जीएडी को जल्द सहमति देने का आग्रह भी किया है परन्तु इसके बाद भी सहमति नहीं दी गई है। जबकि जीएडी ही सभी विभागों को परिपत्र जारी कर कहता है कि वे अपनी विभागीय जांचों को जल्द निपटाये। विभागीय जांच न होने से ग्वालियर में दुर्घटनाग्रस्त पड़े स्टेट प्लेन का निराकरण भी नहीं हो पा रहा है क्योंकि उसे अब नीलामी के द्वारा यथास्थिति में बेचा जाना है।